Class 12 Physics Notes Chapter 8 (Chapter 8) – Examplar Problems (Hindi) Book

प्रिय विद्यार्थियों,
आज हम कक्षा 12 भौतिकी के अध्याय 8, 'विद्युतचुंबकीय तरंगें' का विस्तृत अध्ययन करेंगे, जो आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह अध्याय विद्युत और चुंबकत्व के एकीकरण को दर्शाता है और प्रकृति में प्रकाश सहित विभिन्न प्रकार की तरंगों की व्याख्या करता है।
अध्याय 8: विद्युतचुंबकीय तरंगें (Electromagnetic Waves)
1. मैक्सवेल का विस्थापन धारा (Maxwell's Displacement Current)
मैक्सवेल ने एम्पीयर के परिपथीय नियम में एक विसंगति पाई। उन्होंने देखा कि एक संधारित्र को आवेशित या निरावेशित करते समय, संधारित्र की प्लेटों के बीच के क्षेत्र में (जहाँ कोई चालन धारा नहीं होती) भी चुंबकीय क्षेत्र मौजूद होता है। इस विसंगति को दूर करने के लिए, मैक्सवेल ने एक नई अवधारणा प्रस्तुत की जिसे 'विस्थापन धारा' (Displacement Current, $I_d$) कहा जाता है।
- परिभाषा: विस्थापन धारा वह धारा है जो समय के साथ परिवर्तित होने वाले विद्युत क्षेत्र (या विद्युत फ्लक्स) के कारण उत्पन्न होती है। यह एक वास्तविक धारा नहीं है बल्कि एक अवधारणा है जो चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करती है।
- सूत्र: $I_d = \epsilon_0 \frac{d\Phi_E}{dt}$
जहाँ, $\epsilon_0$ निर्वात की विद्युतशीलता है ($8.854 \times 10^{-12} \text{ C}2\text{N}{-1}\text{m}^{-2}$) और $\frac{d\Phi_E}{dt}$ समय के साथ विद्युत फ्लक्स के परिवर्तन की दर है। - महत्व: विस्थापन धारा की अवधारणा ने एम्पीयर के नियम को संशोधित किया, जिससे यह समय-परिवर्ती क्षेत्रों के लिए भी मान्य हो गया। यह विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों के बीच समरूपता स्थापित करने और विद्युतचुंबकीय तरंगों के अस्तित्व की भविष्यवाणी करने में महत्वपूर्ण था।
2. मैक्सवेल के समीकरण (Maxwell's Equations)
मैक्सवेल ने विद्युत और चुंबकत्व के सभी मूलभूत नियमों को चार समीकरणों के एक समुच्चय में एकीकृत किया। ये समीकरण विद्युतचुंबकीय तरंगों के सिद्धांत का आधार हैं।
-
गॉस का विद्युत नियम (Gauss's Law for Electricity):
$\oint \vec{E} \cdot d\vec{A} = \frac{Q_{enc}}{\epsilon_0}$
यह नियम बताता है कि किसी बंद सतह से गुजरने वाला कुल विद्युत फ्लक्स उस सतह के अंदर समाहित कुल आवेश के $\frac{1}{\epsilon_0}$ गुना होता है। यह विद्युत आवेशों के अस्तित्व को दर्शाता है और बताता है कि विद्युत क्षेत्र एकल ध्रुवों (monopoles) से उत्पन्न होता है। -
गॉस का चुंबकत्व नियम (Gauss's Law for Magnetism):
$\oint \vec{B} \cdot d\vec{A} = 0$
यह नियम बताता है कि किसी बंद सतह से गुजरने वाला कुल चुंबकीय फ्लक्स हमेशा शून्य होता है। इसका अर्थ है कि चुंबकीय एकल ध्रुव (magnetic monopoles) प्रकृति में मौजूद नहीं होते हैं; चुंबकीय क्षेत्र हमेशा द्विध्रुवों (dipoles) के रूप में होते हैं (जैसे उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव हमेशा एक साथ होते हैं)। -
फैराडे का विद्युतचुंबकीय प्रेरण नियम (Faraday's Law of Electromagnetic Induction):
$\oint \vec{E} \cdot d\vec{l} = -\frac{d\Phi_B}{dt}$
यह नियम बताता है कि समय के साथ परिवर्तित होने वाला चुंबकीय फ्लक्स एक विद्युत क्षेत्र (या प्रेरित विद्युत वाहक बल) उत्पन्न करता है। ऋण चिह्न लेंज के नियम को दर्शाता है, जो प्रेरित धारा की दिशा बताता है। -
एम्पीयर-मैक्सवेल नियम (Ampere-Maxwell Law):
$\oint \vec{B} \cdot d\vec{l} = \mu_0 (I_c + I_d) = \mu_0 (I_c + \epsilon_0 \frac{d\Phi_E}{dt})$
यह नियम बताता है कि चुंबकीय क्षेत्र केवल चालन धारा ($I_c$) से ही नहीं, बल्कि समय के साथ परिवर्तित होने वाले विद्युत फ्लक्स ($I_d$) से भी उत्पन्न होता है। यह मैक्सवेल द्वारा संशोधित एम्पीयर का नियम है। यहाँ $\mu_0$ निर्वात की पारगम्यता है ($4\pi \times 10^{-7} \text{ T}\cdot\text{m/A}$)।
3. विद्युतचुंबकीय तरंगों की उत्पत्ति (Origin of Electromagnetic Waves)
- स्थिर आवेश केवल स्थिर विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करते हैं।
- नियत वेग से गतिमान आवेश (स्थिर धारा) केवल स्थिर चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करते हैं।
- त्वरित आवेश (Accelerated charges) विद्युतचुंबकीय तरंगें उत्पन्न करते हैं। जब कोई आवेश त्वरित होता है (जैसे दोलन करता है), तो वह समय-परिवर्ती विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है। ये दोलनशील विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे को बनाए रखते हैं और अंतरिक्ष में तरंग के रूप में संचरित होते हैं।
- एक दोलनशील आवेश एक दोलनशील विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करता है, जो बदले में फैराडे के नियम के अनुसार एक दोलनशील चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है। यह दोलनशील चुंबकीय क्षेत्र फिर एम्पीयर-मैक्सवेल नियम के अनुसार एक दोलनशील विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करता है, और यह प्रक्रिया जारी रहती है, जिससे विद्युतचुंबकीय तरंगें बनती हैं।
4. विद्युतचुंबकीय तरंगों की प्रकृति और गुण (Nature and Properties of Electromagnetic Waves)
- अनुप्रस्थ प्रकृति (Transverse Nature): विद्युतचुंबकीय तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं, अर्थात विद्युत क्षेत्र ($\vec{E}$) सदिश और चुंबकीय क्षेत्र ($\vec{B}$) सदिश तरंग के संचरण की दिशा के लंबवत होते हैं। साथ ही, $\vec{E}$ और $\vec{B}$ सदिश भी एक-दूसरे के लंबवत होते हैं।
- क्षेत्रों का संबंध: विद्युत क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे के साथ कला (phase) में होते हैं, अर्थात वे एक साथ अधिकतम और न्यूनतम होते हैं।
- गति (Speed): निर्वात में विद्युतचुंबकीय तरंगों की गति प्रकाश की गति ($c$) के बराबर होती है:
$c = \frac{1}{\sqrt{\mu_0 \epsilon_0}} \approx 3 \times 10^8 \text{ m/s}$
किसी माध्यम में गति $v = \frac{1}{\sqrt{\mu \epsilon}}$ होती है, जहाँ $\mu$ और $\epsilon$ माध्यम की निरपेक्ष पारगम्यता और निरपेक्ष विद्युतशीलता हैं। - E और B के आयाम का संबंध: विद्युत क्षेत्र के आयाम ($E_0$) और चुंबकीय क्षेत्र के आयाम ($B_0$) के बीच संबंध है:
$c = \frac{E_0}{B_0}$ - ऊर्जा और संवेग (Energy and Momentum): विद्युतचुंबकीय तरंगें ऊर्जा और संवेग का वहन करती हैं। जब वे किसी सतह पर पड़ती हैं, तो वे दबाव डालती हैं (विकिरण दबाव)।
- विद्युत क्षेत्र में ऊर्जा घनत्व: $u_E = \frac{1}{2} \epsilon_0 E^2$
- चुंबकीय क्षेत्र में ऊर्जा घनत्व: $u_B = \frac{1}{2\mu_0} B^2$
- कुल ऊर्जा घनत्व: $u = u_E + u_B = \epsilon_0 E^2 = \frac{1}{\mu_0} B^2$ (क्योंकि $u_E = u_B$)
- पॉइंटिंग सदिश (Poynting Vector): यह ऊर्जा प्रवाह की दर को दर्शाता है (प्रति इकाई क्षेत्रफल प्रति इकाई समय ऊर्जा)।
$\vec{S} = \frac{1}{\mu_0} (\vec{E} \times \vec{B})$
इसकी दिशा तरंग के संचरण की दिशा में होती है। - आवेशित कणों से अन्योन्य क्रिया: विद्युतचुंबकीय तरंगें आवेशित कणों के साथ अन्योन्य क्रिया करती हैं और उन्हें त्वरित कर सकती हैं।
- माध्यम की आवश्यकता नहीं: इनके संचरण के लिए किसी भौतिक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है। वे निर्वात में भी यात्रा कर सकती हैं।
- प्रकाशिकी घटनाएँ: ये परावर्तन, अपवर्तन, विवर्तन, व्यतिकरण और ध्रुवीकरण जैसी सभी प्रकाशिकी घटनाएँ प्रदर्शित करती हैं।
5. विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम (Electromagnetic Spectrum)
विद्युतचुंबकीय तरंगों को उनकी तरंगदैर्ध्य (या आवृत्ति) के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। इन श्रेणियों के पूरे समूह को विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम कहा जाता है। आवृत्ति बढ़ने के साथ तरंगदैर्ध्य घटती है ($c = \nu \lambda$)।
| तरंग का प्रकार | आवृत्ति परास (Hz) | तरंगदैर्ध्य परास (m) | स्रोत | उपयोग |
|---|---|---|---|---|
| रेडियो तरंगें | $5 \times 10^5$ से $10^9$ | $0.1$ से $10^4$ | LC परिपथ में त्वरित आवेशों द्वारा, दोलनशील धाराएँ | रेडियो और टेलीविजन संचार, AM और FM बैंड, सेल फोन, रडार (कुछ हद तक) |
| सूक्ष्म तरंगें (Microwaves) | $10^9$ से $3 \times 10^{11}$ | $10^{-3}$ से $0.3$ | क्लेस्ट्रॉन वाल्व, मैग्नेट्रॉन वाल्व, गन डायोड | रडार प्रणाली, माइक्रोवेव ओवन, विमान नेविगेशन, उपग्रह संचार |
| अवरक्त तरंगें (Infrared Waves) | $3 \times 10^{11}$ से $4 \times 10^{14}$ | $7 \times 10^{-7}$ से $10^{-3}$ | गर्म पिंड और अणु (अणुओं के कंपन और घूर्णन) | रिमोट कंट्रोल, नाइट विजन कैमरे, ग्रीनहाउस प्रभाव, भौतिक चिकित्सा, धुंध और कोहरे में फोटोग्राफी |
| दृश्य प्रकाश (Visible Light) | $4 \times 10^{14}$ से $8 \times 10^{14}$ | $4 \times 10^{-7}$ से $7 \times 10^{-7}$ | परमाणुओं में इलेक्ट्रॉनों का संक्रमण (ऊपरी ऊर्जा स्तर से निचले ऊर्जा स्तर में कूदना) | हमें वस्तुओं को देखने में मदद करता है, ऑप्टिकल फाइबर संचार, लेजर |
| पराबैंगनी तरंगें (Ultraviolet Waves) | $8 \times 10^{14}$ से $3 \times 10^{16}$ | $10^{-8}$ से $4 \times 10^{-7}$ | परमाणुओं में इलेक्ट्रॉनों का संक्रमण, विशेष लैंप, सूर्य (ओजोन परत द्वारा अवशोषित) | जल शोधन, नसबंदी, लैसिक नेत्र शल्य चिकित्सा, विटामिन D उत्पादन, फोरेंसिक |
| X-किरणें (X-rays) | $3 \times 10^{16}$ से $3 \times 10^{19}$ | $10^{-13}$ से $10^{-8}$ | उच्च ऊर्जा इलेक्ट्रॉनों का धातु लक्ष्य से टकराना (कूलिज ट्यूब) | चिकित्सा निदान (हड्डी के फ्रैक्चर), कैंसर उपचार, औद्योगिक निरीक्षण, क्रिस्टल संरचना अध्ययन |
| गामा किरणें (Gamma Rays) | $3 \times 10^{19}$ से $10^{23}$ | $10^{-16}$ से $10^{-10}$ | रेडियोधर्मी नाभिक का क्षय, नाभिकीय प्रतिक्रियाएँ, ब्रह्मांडीय घटनाएँ | कैंसर उपचार (रेडियोथेरेपी), खाद्य पदार्थों का विकिरण, खगोल विज्ञान, नाभिकीय अनुसंधान |
महत्वपूर्ण बिंदु:
- आवृत्ति के बढ़ते क्रम में: रेडियो < माइक्रोवेव < अवरक्त < दृश्य < पराबैंगनी < X-किरणें < गामा किरणें।
- तरंगदैर्ध्य के बढ़ते क्रम में: गामा किरणें < X-किरणें < पराबैंगनी < दृश्य < अवरक्त < माइक्रोवेव < रेडियो।
- गामा किरणें सबसे अधिक ऊर्जावान और सबसे अधिक भेदन क्षमता वाली होती हैं।
- रेडियो तरंगें सबसे कम ऊर्जावान और सबसे लंबी तरंगदैर्ध्य वाली होती हैं।
- विद्युतचुंबकीय तरंगों की ऊर्जा आवृत्ति के समानुपाती होती है ($E = h\nu$)।
महत्वपूर्ण सूत्र सारांश:
- विस्थापन धारा: $I_d = \epsilon_0 \frac{d\Phi_E}{dt}$
- निर्वात में प्रकाश की गति: $c = \frac{1}{\sqrt{\mu_0 \epsilon_0}}$
- किसी माध्यम में प्रकाश की गति: $v = \frac{1}{\sqrt{\mu \epsilon}}$
- E और B के आयाम का संबंध: $c = \frac{E_0}{B_0}$
- तरंग गति, आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य: $c = \nu \lambda$
- पॉइंटिंग सदिश: $\vec{S} = \frac{1}{\mu_0} (\vec{E} \times \vec{B})$
- विकिरण दबाव (पूर्ण अवशोषण के लिए): $P = \frac{I}{c}$ (जहाँ $I$ तीव्रता है)
- विकिरण दबाव (पूर्ण परावर्तन के लिए): $P = \frac{2I}{c}$
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
यहाँ अध्याय 8 'विद्युतचुंबकीय तरंगें' पर आधारित 10 बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं:
-
निम्नलिखित में से कौन मैक्सवेल के समीकरणों में से एक नहीं है?
a) गॉस का विद्युत नियम
b) गॉस का चुंबकत्व नियम
c) न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम
d) फैराडे का विद्युतचुंबकीय प्रेरण नियम -
विद्युतचुंबकीय तरंगों के संचरण के लिए किस माध्यम की आवश्यकता होती है?
a) ठोस
b) द्रव
c) गैस
d) किसी माध्यम की नहीं -
निर्वात में विद्युतचुंबकीय तरंगों की गति किसके द्वारा दी जाती है?
a) $\frac{1}{\sqrt{\mu_0 \epsilon_0}}$
b) $\sqrt{\mu_0 \epsilon_0}$
c) $\mu_0 \epsilon_0$
d) $\frac{\mu_0}{\epsilon_0}$ -
एक विद्युतचुंबकीय तरंग में, विद्युत क्षेत्र और चुंबकीय क्षेत्र एक-दूसरे के सापेक्ष किस कोण पर होते हैं?
a) $0^\circ$
b) $45^\circ$
c) $90^\circ$
d) $180^\circ$ -
निम्नलिखित में से किस विद्युतचुंबकीय तरंग की तरंगदैर्ध्य सबसे कम होती है?
a) रेडियो तरंगें
b) X-किरणें
c) अवरक्त तरंगें
d) गामा किरणें -
माइक्रोवेव ओवन में भोजन पकाने के लिए किस प्रकार की विद्युतचुंबकीय तरंगों का उपयोग किया जाता है?
a) रेडियो तरंगें
b) अवरक्त तरंगें
c) सूक्ष्म तरंगें
d) पराबैंगनी तरंगें -
विद्युतचुंबकीय स्पेक्ट्रम में दृश्य प्रकाश का तरंगदैर्ध्य परास लगभग क्या है?
a) $1 \text{ nm}$ से $10 \text{ nm}$
b) $400 \text{ nm}$ से $700 \text{ nm}$
c) $1 \text{ mm}$ से $10 \text{ mm}$
d) $1 \text{ m}$ से $10 \text{ m}$ -
ओजोन परत द्वारा पृथ्वी पर आने से रोकी जाने वाली विद्युतचुंबकीय तरंगें कौन सी हैं?
a) अवरक्त तरंगें
b) रेडियो तरंगें
c) पराबैंगनी तरंगें
d) सूक्ष्म तरंगें -
एक विद्युतचुंबकीय तरंग में, यदि विद्युत क्षेत्र का आयाम $E_0$ और चुंबकीय क्षेत्र का आयाम $B_0$ है, तो उनके बीच क्या संबंध है?
a) $E_0 B_0 = c$
b) $E_0 / B_0 = c$
c) $B_0 / E_0 = c$
d) $E_0 = c^2 B_0$ -
विस्थापन धारा की अवधारणा किसने प्रस्तुत की?
a) फैराडे
b) एम्पीयर
c) मैक्सवेल
d) हर्ट्ज़
उत्तरमाला (Answer Key):
- c) न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण नियम
- d) किसी माध्यम की नहीं
- a) $\frac{1}{\sqrt{\mu_0 \epsilon_0}}$
- c) $90^\circ$
- d) गामा किरणें
- c) सूक्ष्म तरंगें
- b) $400 \text{ nm}$ से $700 \text{ nm}$
- c) पराबैंगनी तरंगें
- b) $E_0 / B_0 = c$
- c) मैक्सवेल
मुझे आशा है कि यह विस्तृत नोट और बहुविकल्पीय प्रश्न आपकी 'विद्युतचुंबकीय तरंगें' अध्याय की तैयारी में सहायक होंगे। शुभकामनाएँ!