Class 12 Physology Notes Chapter 1 (मनोवैज्ञानिक गुणों में विभिन्नताएँ) – Manovigyan Book

Manovigyan
प्रिय विद्यार्थियों,

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अध्याय 1 'मनोवैज्ञानिक गुणों में विभिन्नताएँ' एक अत्यंत महत्वपूर्ण आधारशिला है। इस अध्याय में हम व्यक्तियों के बीच पाए जाने वाले मनोवैज्ञानिक अंतरों को समझते हैं, उनका मूल्यांकन कैसे किया जाता है, और बुद्धि, अभिक्षमता, व्यक्तित्व जैसे प्रमुख गुणों की विस्तृत जानकारी प्राप्त करते हैं। यहाँ आपके लिए इस अध्याय के विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं, जो आपकी तैयारी को सुदृढ़ बनाने में सहायक होंगे।


अध्याय 1: मनोवैज्ञानिक गुणों में विभिन्नताएँ - विस्तृत नोट्स

I. परिचय

  • व्यक्तिगत विभिन्नताएँ (Individual Differences): यह वह स्थिति है जहाँ व्यक्ति शारीरिक और मनोवैज्ञानिक गुणों में एक-दूसरे से भिन्न होते हैं। मनोविज्ञान में इन विभिन्नताओं का व्यवस्थित अध्ययन किया जाता है।
  • मनोवैज्ञानिक गुणों में विभिन्नताएँ: व्यक्ति की बुद्धि, अभिक्षमता, व्यक्तित्व, अभिरुचि और मूल्यों में अंतर।

II. मनोवैज्ञानिक गुणों का मूल्यांकन (Assessment of Psychological Attributes)

  • मूल्यांकन का अर्थ: किसी व्यक्ति के मनोवैज्ञानिक गुणों के बारे में व्यवस्थित तरीके से जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया।

  • मूल्यांकन की विधियाँ (Methods of Assessment):

    1. मनोवैज्ञानिक परीक्षण (Psychological Tests):
      • मानकीकृत, वस्तुनिष्ठ और वैध उपकरण जो व्यक्ति के मानसिक और व्यवहारिक विशेषताओं को मापने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।
      • उदाहरण: बुद्धि परीक्षण, व्यक्तित्व परीक्षण, अभिक्षमता परीक्षण।
    2. साक्षात्कार (Interview):
      • दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच उद्देश्यपूर्ण बातचीत।
      • प्रकार: संरचित (Structured) - निश्चित प्रश्न; असंरचित (Unstructured) - लचीले प्रश्न।
    3. केस अध्ययन (Case Study):
      • किसी व्यक्ति, समूह, संस्था या घटना का गहन और विस्तृत अध्ययन।
      • जानकारी कई स्रोतों से एकत्र की जाती है (साक्षात्कार, प्रेक्षण, मनोवैज्ञानिक परीक्षण)।
    4. प्रेक्षण (Observation):
      • व्यवस्थित, उद्देश्यपूर्ण और योजनाबद्ध तरीके से व्यवहार को देखना और रिकॉर्ड करना।
      • प्रकार: सहभागी (Participant) और असहभागी (Non-participant)।
    5. आत्म-प्रतिवेदन (Self-report):
      • व्यक्ति स्वयं अपने विश्वासों, भावनाओं, विचारों आदि के बारे में जानकारी प्रदान करता है।
      • उदाहरण: प्रश्नावली, रेटिंग स्केल।
  • मूल्यांकन की विशेषताएँ (Characteristics of Assessment):

    1. विश्वसनीयता (Reliability): परीक्षण के परिणामों में संगति या स्थिरता। यदि एक ही परीक्षण को बार-बार प्रशासित किया जाए तो परिणाम समान होने चाहिए।
      • प्रकार: परीक्षण-पुनर्परीक्षण विश्वसनीयता, अर्ध-विभाजन विश्वसनीयता।
    2. वैधता (Validity): परीक्षण वास्तव में वही मापता है जिसके लिए उसे बनाया गया है।
    3. मानकीकरण (Standardization): परीक्षण के प्रशासन, अंकन और व्याख्या के लिए एक समान प्रक्रिया और मानदंड (Norms) का विकास।

III. मनोवैज्ञानिक गुणों के क्षेत्र (Domains of Psychological Attributes)

  1. बुद्धि (Intelligence):

    • परिभाषा: पर्यावरण के साथ अनुकूलन करने, अमूर्त चिंतन करने, तर्क करने, समस्याओं को हल करने और अनुभव से सीखने की क्षमता।

    • बुद्धि के सिद्धांत (Theories of Intelligence):

      • स्पीयरमैन का द्वि-कारक सिद्धांत (Two-Factor Theory - 1927):
        • 'g' कारक (General Factor): सभी बौद्धिक कार्यों में निहित सामान्य मानसिक ऊर्जा।
        • 's' कारक (Specific Factor): किसी विशेष कार्य के लिए आवश्यक विशिष्ट योग्यता।
      • थर्स्टन का प्राथमिक मानसिक योग्यताओं का सिद्धांत (Theory of Primary Mental Abilities):
        • बुद्धि को 7 प्राथमिक मानसिक योग्यताओं का समूह माना: शाब्दिक बोध, संख्यात्मक क्षमता, स्थानिक संबंध, प्रत्यक्षात्मक गति, शब्द प्रवाह, स्मृति, तार्किक शक्ति।
      • गिलफोर्ड का बुद्धि संरचना मॉडल (Structure of Intellect Model - SOI):
        • बुद्धि को तीन आयामों (संक्रियाएँ, विषय-वस्तु, उत्पाद) के संयोजन के रूप में देखा। कुल 180 बौद्धिक योग्यताएँ।
      • स्टर्नबर्ग का त्रिचापीय सिद्धांत (Triarchic Theory - Robert Sternberg):
        • घटकीय बुद्धि (Componential/Analytical Intelligence): जानकारी का विश्लेषण, मूल्यांकन, तुलना करना।
        • आनुभविक बुद्धि (Experiential/Creative Intelligence): नई स्थितियों से निपटने और नए विचार उत्पन्न करने की क्षमता।
        • संदर्भात्मक बुद्धि (Contextual/Practical Intelligence): पर्यावरण के साथ अनुकूलन, चयन और आकार देने की क्षमता (व्यावहारिक बुद्धि)।
      • गार्डनर का बहु-बुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple Intelligences - Howard Gardner):
        • बुद्धि एक इकाई नहीं बल्कि विभिन्न प्रकार की स्वतंत्र बुद्धियों का समूह है।
        • 8 प्रकार की बुद्धि: शाब्दिक-भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिसंवेदी, अंतर्वैयक्तिक (दूसरों को समझना), अंतरा-वैयक्तिक (स्वयं को समझना), प्रकृतिवादी। (बाद में अस्तित्ववादी भी प्रस्तावित)
      • जे.पी. दास, किर्बी और नाग्लेरी का PASS मॉडल (Planning, Attention-Arousal, Simultaneous, Successive):
        • योजना (Planning): समस्या समाधान के लिए रणनीतियाँ बनाना।
        • अवधान-उद्दीपन (Attention-Arousal): जानकारी पर ध्यान केंद्रित करना।
        • सहकालिक प्रक्रमण (Simultaneous Processing): विभिन्न सूचनाओं को एक साथ एकीकृत करना।
        • आनुक्रमिक प्रक्रमण (Successive Processing): सूचनाओं को क्रमिक रूप से संसाधित करना।
    • बुद्धि का मूल्यांकन (Assessment of Intelligence):

      • बुद्धि लब्धि (Intelligence Quotient - IQ):
        • विलियम स्टर्न ने IQ की अवधारणा दी।
        • लुईस टर्मन ने सूत्र दिया: IQ = (मानसिक आयु / वास्तविक आयु) × 100
        • मानसिक आयु (MA): व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता का स्तर।
        • वास्तविक आयु (CA): व्यक्ति की कालानुक्रमिक आयु।
      • IQ वर्गीकरण (Terman's Classification):
        IQ रेंज वर्गीकरण
        130 से ऊपर प्रतिभाशाली (Gifted)
        120-129 अति श्रेष्ठ (Very Superior)
        110-119 श्रेष्ठ (Superior)
        90-109 सामान्य/औसत (Average)
        80-89 मंद बुद्धि (Dull Normal)
        70-79 सीमांत मंदता (Borderline)
        55-69 हल्की मंदता (Mild Intellectual Disability)
        40-54 मध्यम मंदता (Moderate Intellectual Disability)
        25-39 गंभीर मंदता (Severe Intellectual Disability)
        25 से नीचे अति गंभीर मंदता (Profound Intellectual Disability)
      • बुद्धि परीक्षणों के प्रकार:
        • व्यक्तिगत परीक्षण: एक समय में एक व्यक्ति पर।
        • सामूहिक परीक्षण: एक समय में कई व्यक्तियों पर।
        • शाब्दिक परीक्षण: भाषा का उपयोग (शिक्षित व्यक्तियों के लिए)।
        • अशाब्दिक परीक्षण: चित्र, प्रतीक (निरक्षर या विभिन्न भाषाओं के व्यक्तियों के लिए)।
        • क्रियात्मक परीक्षण: वस्तुओं को जोड़-तोड़ कर (छोटे बच्चों या भाषा-बाधितों के लिए)।
        • संस्कृति-निष्पक्ष परीक्षण (Culture-Fair Tests): सांस्कृतिक पूर्वाग्रहों को कम करने के लिए डिज़ाइन किए गए।
  2. अभिक्षमता (Aptitude):

    • परिभाषा: किसी विशेष क्षेत्र में कौशल या ज्ञान अर्जित करने की अंतर्निहित क्षमता या संभावना।
    • अभिक्षमता परीक्षण: व्यक्ति की भविष्य की प्रदर्शन क्षमता का पूर्वानुमान लगाते हैं।
    • उदाहरण: सामान्य अभिक्षमता बैटरी (GATB), विभेदक अभिक्षमता परीक्षण (DAT)।
  3. अभिरुचि (Interest):

    • परिभाषा: किसी विशेष गतिविधि या विषय के प्रति व्यक्ति की वरीयता या पसंद।
    • अभिरुचि व्यक्ति को किसी कार्य को करने के लिए प्रेरित करती है।
  4. व्यक्तित्व (Personality):

    • परिभाषा: व्यक्ति के उन विशिष्ट और अपेक्षाकृत स्थायी गुणों का पैटर्न जो उसके व्यवहार, विचार और भावनाओं को निर्धारित करते हैं। (विस्तृत अध्ययन अध्याय 2 में)
  5. मूल्य (Values):

    • परिभाषा: व्यक्ति के स्थायी विश्वास या आदर्श जो उसके जीवन और व्यवहार को निर्देशित करते हैं।
    • उदाहरण: ईमानदारी, न्याय, समानता।

IV. बुद्धि की प्रकृति (Nature of Intelligence)

  • भारतीय अवधारणा:
    • बुद्धि को समग्र रूप से देखा जाता है, जिसमें संज्ञानात्मक और गैर-संज्ञानात्मक दोनों पहलू शामिल हैं।
    • बुद्धि (Buddhi): ज्ञान, समझ।
    • प्रज्ञा (Pragya): अमूर्त चिंतन, रचनात्मकता, अंतर्दृष्टि।
    • धी (Dhi): संज्ञानात्मक क्षमता, नैतिक निर्णय, संवेदनशीलता।
  • भावनात्मक बुद्धि (Emotional Intelligence - EI):
    • अवधारणा: पीटर सैलोवे और जॉन मेयर (1990) द्वारा प्रस्तुत; डेनियल गोलमैन (1995) द्वारा लोकप्रिय।
    • परिभाषा: अपनी और दूसरों की भावनाओं को समझने, प्रबंधित करने, पहचानने और उनका उपयोग करके अपने विचारों और कार्यों को निर्देशित करने की क्षमता।
    • घटक: अपनी भावनाओं को जानना, अपनी भावनाओं का प्रबंधन करना, स्वयं को प्रेरित करना, दूसरों की भावनाओं को पहचानना (सहानुभूति), सामाजिक कौशल।
    • महत्व: व्यक्तिगत और व्यावसायिक सफलता के लिए महत्वपूर्ण।

V. बुद्धि, अभिक्षमता और सृजनात्मकता (Intelligence, Aptitude, and Creativity)

  • सृजनात्मकता (Creativity):
    • परिभाषा: नवीन, मौलिक और उपयोगी विचारों, उत्पादों या समाधानों को उत्पन्न करने की क्षमता।
    • सृजनात्मकता और बुद्धि का संबंध:
      • उच्च बुद्धि हमेशा उच्च सृजनात्मकता की गारंटी नहीं देती।
      • सृजनात्मकता के लिए एक न्यूनतम बुद्धि स्तर (लगभग 100-120 IQ) आवश्यक है। इसे थ्रेशोल्ड परिकल्पना (Threshold Hypothesis) कहते हैं।
      • उच्च बुद्धि वाले सभी लोग सृजनात्मक नहीं होते, लेकिन सृजनात्मक लोग अक्सर औसत से ऊपर बुद्धिमान होते हैं।
    • सृजनात्मकता परीक्षण: टॉरेंस टेस्ट ऑफ क्रिएटिव थिंकिंग (TTCT)।

VI. प्रतिभाशाली और मानसिक रूप से मंद बच्चे (Gifted and Mentally Challenged Children)

  • प्रतिभाशाली बच्चे (Gifted Children):
    • पहचान: उच्च IQ (आमतौर पर 130 या उससे अधिक), तीव्र सीखने की क्षमता, उच्च प्रेरणा, स्वतंत्र विचार, असाधारण प्रदर्शन, नेतृत्व क्षमता।
    • विशेषताएँ: व्यापक ज्ञान, उच्च एकाग्रता, अमूर्त चिंतन में उत्कृष्ट।
  • मानसिक मंदता (Intellectual Disability/Mental Retardation):
    • परिभाषा: औसत से काफी कम बौद्धिक कार्यप्रणाली (IQ 70 से कम) और अनुकूलन व्यवहार (सामाजिक और व्यावहारिक कौशल) में महत्वपूर्ण कमी, जो 18 वर्ष की आयु से पहले प्रकट होती है।
    • वर्गीकरण (IQ के आधार पर):
      • हल्की मंदता (Mild): IQ 50-69 (85% मामले) - वयस्कता में स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकते हैं।
      • मध्यम मंदता (Moderate): IQ 35-49 (10% मामले) - पर्यवेक्षण के साथ कुछ आत्मनिर्भरता।
      • गंभीर मंदता (Severe): IQ 20-34 (3-4% मामले) - बुनियादी आत्म-देखभाल कौशल सीख सकते हैं, निरंतर पर्यवेक्षण की आवश्यकता।
      • अति गंभीर मंदता (Profound): IQ 20 से कम (1-2% मामले) - निरंतर देखभाल और पर्यवेक्षण की आवश्यकता।
    • कारण: आनुवंशिक (जैसे डाउन सिंड्रोम), पर्यावरणीय, जन्मपूर्व, जन्म के दौरान या जन्म के बाद की जटिलताएँ।
    • हस्तक्षेप: प्रारंभिक पहचान, विशेष शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और सामाजिक कौशल विकास।

बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions - MCQs)

  1. विलियम स्टर्न द्वारा प्रतिपादित बुद्धि लब्धि (IQ) के सूत्र को किसने लोकप्रिय बनाया?
    a) अल्फ्रेड बिने
    b) डेविड वेच्सलर
    c) लुईस टर्मन
    d) चार्ल्स स्पीयरमैन

  2. निम्नलिखित में से कौन-सा गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत का प्रकार नहीं है?
    a) संगीतात्मक बुद्धि
    b) स्थानिक बुद्धि
    c) संदर्भात्मक बुद्धि
    d) अंतरा-वैयक्तिक बुद्धि

  3. जे.पी. दास, किर्बी और नाग्लेरी द्वारा विकसित PASS मॉडल में 'P' का क्या अर्थ है?
    a) प्रत्यक्षीकरण (Perception)
    b) योजना (Planning)
    c) प्रदर्शन (Performance)
    d) प्रक्रिया (Processing)

  4. यदि किसी व्यक्ति की मानसिक आयु 12 वर्ष और वास्तविक आयु 10 वर्ष है, तो उसकी बुद्धि लब्धि (IQ) क्या होगी?
    a) 100
    b) 120
    c) 80
    d) 110

  5. मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन की वह विशेषता जो यह सुनिश्चित करती है कि परीक्षण वही मापता है जिसके लिए उसे बनाया गया है, कहलाती है:
    a) विश्वसनीयता
    b) वैधता
    c) मानकीकरण
    d) वस्तुनिष्ठता

  6. चार्ल्स स्पीयरमैन के बुद्धि के द्वि-कारक सिद्धांत में, 'g' कारक किसे संदर्भित करता है?
    a) विशिष्ट योग्यता
    b) सामान्य मानसिक ऊर्जा
    c) स्थानिक क्षमता
    d) संख्यात्मक क्षमता

  7. डेनियल गोलमैन ने किस प्रकार की बुद्धि को लोकप्रिय बनाया?
    a) बहु-बुद्धि
    b) त्रिचापीय बुद्धि
    c) भावनात्मक बुद्धि
    d) घटकीय बुद्धि

  8. वह स्थिति जहाँ व्यक्ति की बौद्धिक कार्यप्रणाली औसत से काफी कम (IQ 70 से कम) होती है और अनुकूलन व्यवहार में कमी होती है, कहलाती है:
    a) प्रतिभाशालीता
    b) सृजनात्मकता
    c) मानसिक मंदता
    d) अधिगम अक्षमता

  9. सृजनात्मकता और बुद्धि के संबंध में 'थ्रेशोल्ड परिकल्पना' क्या बताती है?
    a) उच्च बुद्धि हमेशा उच्च सृजनात्मकता की ओर ले जाती है।
    b) सृजनात्मकता के लिए एक न्यूनतम बुद्धि स्तर आवश्यक है।
    c) बुद्धि और सृजनात्मकता का कोई संबंध नहीं है।
    d) सृजनात्मकता बुद्धि से अधिक महत्वपूर्ण है।

  10. स्टर्नबर्ग के त्रिचापीय सिद्धांत के घटकीय बुद्धि घटक में कौन-सी क्षमता शामिल है?
    a) नई स्थितियों से निपटना
    b) पर्यावरण के साथ अनुकूलन
    c) जानकारी का विश्लेषण और मूल्यांकन करना
    d) दूसरों की भावनाओं को समझना


उत्तरमाला (Answer Key):

  1. c) लुईस टर्मन
  2. c) संदर्भात्मक बुद्धि (यह स्टर्नबर्ग के सिद्धांत का हिस्सा है)
  3. b) योजना (Planning)
  4. b) 120 (IQ = (12/10) * 100 = 120)
  5. b) वैधता
  6. b) सामान्य मानसिक ऊर्जा
  7. c) भावनात्मक बुद्धि
  8. c) मानसिक मंदता
  9. b) सृजनात्मकता के लिए एक न्यूनतम बुद्धि स्तर आवश्यक है।
  10. c) जानकारी का विश्लेषण और मूल्यांकन करना

मुझे आशा है कि ये विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपकी परीक्षा की तैयारी में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। अपनी पढ़ाई को निरंतर जारी रखें और सफलता अवश्य मिलेगी! शुभकामनाएँ!

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