Class 12 Sanskrit Notes Chapter 3 (बाल्कात् कम) – Bhaswati Book

Bhaswati
प्रिय विद्यार्थियों,

आज हम आपकी संस्कृत पाठ्यपुस्तक 'भास्वती' के तृतीय पाठ 'बालकात् कम्' का विस्तृत अध्ययन करेंगे। यह पाठ न केवल आपकी बोर्ड परीक्षाओं के लिए, बल्कि विभिन्न सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। हम यहाँ प्रत्येक महत्वपूर्ण बिंदु को गहराई से समझेंगे ताकि कोई भी जानकारी आपसे छूटे नहीं।


पाठ 3: बालकात् कम् (यह बालक किसका है?)

1. पाठ का परिचय:

  • मूल ग्रन्थ: यह पाठ महाकवि कालिदास के विश्वप्रसिद्ध नाटक 'अभिज्ञानशाकुन्तलम्' के छठे अंक से संकलित है।
  • शीर्षक का अर्थ: 'बालकात् कम्' का अर्थ है - "यह बालक किसका है?" यह प्रश्न राजा दुष्यन्त के मन में बालक सर्वदमन को देखकर उत्पन्न होता है, जो पाठ का केंद्रीय भाव है।
  • विषय वस्तु: प्रस्तुत अंश में राजा दुष्यन्त शकुन्तला को भूल जाने के पश्चात्ताप में डूबे हुए हैं। इसी समय उन्हें एक अद्भुत बालक (सर्वदमन) दिखाई देता है, जो सिंह-शावक के साथ खेल रहा है। बालक के पराक्रम और उसके प्रति उत्पन्न वात्सल्य भाव के कारण दुष्यन्त के मन में उसके पिता होने का संदेह उत्पन्न होता है।

2. प्रमुख पात्र:

  • दुष्यन्त (राजा): हस्तिनापुर के राजा, शकुन्तला को भूलने के पश्चात्ताप में लीन, बालक सर्वदमन के प्रति सहज वात्सल्य भाव रखने वाले।
  • सर्वदमन (बालक): राजा दुष्यन्त और शकुन्तला का पुत्र, अत्यंत पराक्रमी, साहसी और तेजस्वी। बाद में यही बालक 'भरत' नाम से प्रसिद्ध हुआ, जिसके नाम पर हमारे देश का नाम 'भारत' पड़ा।
  • प्रथमा तापसी (पहली तपस्विनी): आश्रम की तपस्विनी, बालक को नियंत्रित करने का प्रयास करती है।
  • द्वितीया तापसी (दूसरी तपस्विनी): आश्रम की अन्य तपस्विनी, बालक के विषय में दुष्यन्त को जानकारी देती है।

3. पाठ का विस्तृत सारांश:

राजा दुष्यन्त, शकुन्तला को अस्वीकार करने के अपने कृत्य पर अत्यंत पश्चात्ताप कर रहे हैं। वे अपने प्रमोदवन (मनोरंजन वाटिका) में उदास बैठे हैं। तभी उन्हें एक बालक के कोलाहल की ध्वनि सुनाई देती है। वे देखते हैं कि एक अद्भुत बालक, जिसका नाम सर्वदमन है, एक सिंह-शावक (शेर के बच्चे) को पकड़कर उसके दाँत गिनने का प्रयास कर रहा है। दो तपस्विनियाँ उसे रोकने का प्रयास कर रही हैं, पर वह बालक किसी की बात नहीं सुनता।

बालक के इस असाधारण साहस और तेज को देखकर दुष्यन्त

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