Class 12 Sociology Notes Chapter 7 (जनसंपर्क साधन और जनसंचार) – Bharat me Samajik Parivartan aur Vikas Book

प्रिय विद्यार्थियों,
आज हम कक्षा 12 समाजशास्त्र की पुस्तक 'भारत में सामाजिक परिवर्तन और विकास' के अध्याय 7 'जनसंपर्क साधन और जनसंचार' का विस्तृत अध्ययन करेंगे। यह अध्याय सरकारी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, अतः प्रत्येक बिंदु पर विशेष ध्यान दें।
अध्याय 7: जनसंपर्क साधन और जनसंचार
परिचय:
जनसंपर्क साधन (Mass Media) वे माध्यम हैं जिनके द्वारा सूचना, विचार और मनोरंजन को एक बड़े और विविध श्रोता वर्ग तक पहुँचाया जाता है। जनसंचार (Mass Communication) वह प्रक्रिया है जिसके तहत ये साधन कार्य करते हैं। आधुनिक समाज में जनसंचार सामाजिक परिवर्तन और विकास का एक शक्तिशाली उपकरण बन गया है।
1. जनसंचार के प्रकार (Types of Mass Media):
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प्रिंट मीडिया (Print Media):
- समाचार पत्र (Newspapers): सूचना, विश्लेषण और राय प्रदान करते हैं। भारत में पहला समाचार पत्र जेम्स ऑगस्टस हिक्की द्वारा 1780 में 'बंगाल गजट' था। स्वतंत्रता संग्राम में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही (जैसे 'केसरी', 'हरिजन', 'यंग इंडिया')।
- पत्रिकाएँ (Magazines): विशिष्ट विषयों पर गहन जानकारी और विश्लेषण प्रदान करती हैं।
- पुस्तकें (Books): ज्ञान, संस्कृति और साहित्य के स्थायी स्रोत।
- विशेषताएँ: स्थायी रिकॉर्ड, गहन विश्लेषण संभव, साक्षरता पर निर्भरता।
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इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (Electronic Media):
- रेडियो (Radio): भारत में 1920 के दशक में शुरू हुआ। 1936 में 'ऑल इंडिया रेडियो' (AIR) की स्थापना हुई, जिसे बाद में 'आकाशवाणी' कहा गया। यह दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुँचने का एक प्रभावी साधन है।
- टेलीविजन (Television): भारत में 1959 में प्रायोगिक तौर पर शुरू हुआ। 1965 में नियमित प्रसारण और 1976 में 'दूरदर्शन' के रूप में अलग पहचान मिली। 1980 के दशक में रंगीन प्रसारण और राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू हुए। 1990 के दशक में निजी चैनलों के आगमन से क्रांति आई।
- सिनेमा (Cinema): मनोरंजन का एक शक्तिशाली माध्यम, साथ ही सामाजिक संदेश देने और संस्कृति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत में दादा साहब फाल्के को भारतीय सिनेमा का जनक माना जाता है।
- विशेषताएँ: दृश्य-श्रव्य माध्यम, व्यापक पहुँच, तुरंत प्रभाव, निरक्षर लोगों तक भी पहुँच।
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डिजिटल/न्यू मीडिया (Digital/New Media):
- इंटरनेट (Internet): सूचना, संचार और मनोरंजन का एक वैश्विक नेटवर्क।
- सोशल मीडिया (Social Media): फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप आदि। व्यक्तिगत और सामूहिक संचार, सूचना साझाकरण और राय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका।
- मोबाइल संचार (Mobile Communication): स्मार्टफोन के माध्यम से इंटरनेट, ऐप्स और संचार सेवाओं तक पहुँच।
- विशेषताएँ: इंटरैक्टिव, व्यक्तिगतकरण, तात्कालिकता, वैश्विक पहुँच, उपयोगकर्ता-जनित सामग्री।
2. जनसंचार के कार्य और भूमिका (Functions and Role of Mass Media):
- सूचना प्रदान करना (Information Dissemination): राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं, सरकारी नीतियों और सामाजिक मुद्दों के बारे में जानकारी देना।
- मनोरंजन (Entertainment): फिल्में, टीवी शो, संगीत, खेल आदि के माध्यम से मनोरंजन प्रदान करना।
- शिक्षा और जागरूकता (Education and Awareness): स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण, सामाजिक कुरीतियों आदि के बारे में जागरूकता फैलाना।
- सामाजिकीकरण (Socialization): मूल्यों, मानदंडों और संस्कृति को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाना।
- एजेंडा निर्धारण (Agenda Setting): यह तय करना कि कौन से मुद्दे सार्वजनिक बहस और ध्यान के केंद्र में रहेंगे। मीडिया जिन मुद्दों को प्रमुखता देता है, वे अक्सर जनता के लिए महत्वपूर्ण बन जाते हैं।
- विचारों का प्रसार (Dissemination of Ideas): विभिन्न विचारों, दृष्टिकोणों और विचारधाराओं को प्रसारित करना।
- लोकतंत्र में भूमिका (Role in Democracy): सरकार पर निगरानी रखना (वॉचडॉग), सार्वजनिक राय बनाना, नागरिकों को सूचित निर्णय लेने में मदद करना।
- विकास में भूमिका (Role in Development): विकास परियोजनाओं, नई तकनीकों और सामाजिक सुधारों को बढ़ावा देना।
3. जनसंचार और सामाजिक परिवर्तन (Mass Media and Social Change):
- आधुनिकीकरण (Modernization): पश्चिमी जीवनशैली, विचारों और मूल्यों के प्रसार के माध्यम से आधुनिकीकरण को बढ़ावा देना।
- वैश्वीकरण (Globalization): मीडिया वैश्वीकरण का एक प्रमुख चालक है। यह विभिन्न संस्कृतियों के बीच विचारों, उत्पादों और जीवनशैली के आदान-प्रदान को सुगम बनाता है, जिससे सांस्कृतिक संकरण (cultural hybridity) होता है।
- संस्कृति पर प्रभाव (Impact on Culture):
- सांस्कृतिक साम्राज्यवाद (Cultural Imperialism): पश्चिमी मीडिया के प्रभुत्व से स्थानीय संस्कृतियों का क्षरण और पश्चिमीकरण का खतरा।
- स्थानीय संस्कृति का संरक्षण: मीडिया स्थानीय भाषाओं, कला रूपों और परंपराओं को बढ़ावा देकर सांस्कृतिक विविधता को बनाए रखने में भी मदद कर सकता है।
- सामाजिक आंदोलनों में भूमिका (Role in Social Movements): मीडिया सामाजिक अन्याय को उजागर कर, आंदोलनों को संगठित कर और उनके संदेशों को व्यापक जनता तक पहुँचाकर सामाजिक आंदोलनों को मजबूत करता है।
- सामाजिक असमानता और मीडिया (Media and Social Inequality):
- पहुँच में असमानता (Digital Divide): ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों, धनी और गरीब लोगों के बीच डिजिटल मीडिया तक पहुँच में अंतर।
- प्रतिनिधित्व में असमानता: कुछ समूहों (जैसे महिलाएं, दलित, आदिवासी) का मीडिया में अपर्याप्त या रूढ़िवादी प्रतिनिधित्व।
- मीडिया का स्वामित्व और नियंत्रण (Ownership and Control of Media):
- निजीकरण और कॉर्पोरेट प्रभाव: 1990 के दशक के बाद मीडिया का तेजी से निजीकरण हुआ, जिससे कुछ बड़े कॉर्पोरेट घरानों का मीडिया पर नियंत्रण बढ़ गया। इससे समाचारों की निष्पक्षता और वस्तुनिष्ठता पर सवाल उठते हैं।
- सरकारी नियंत्रण: सार्वजनिक प्रसारण (जैसे दूरदर्शन, आकाशवाणी) अभी भी सरकार के नियंत्रण में हैं, जिससे उनकी स्वायत्तता पर सवाल उठते हैं।
4. भारत में जनसंचार का विकास (Development of Mass Media in India):
- औपनिवेशिक काल (Colonial Era):
- 1780: जेम्स ऑगस्टस हिक्की द्वारा 'बंगाल गजट' (पहला भारतीय समाचार पत्र)।
- स्वतंत्रता संग्राम के दौरान समाचार पत्रों ने राष्ट्रीय चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई (जैसे 'संवाद कौमुदी' - राजा राममोहन राय, 'केसरी' - बाल गंगाधर तिलक, 'यंग इंडिया' - महात्मा गांधी)।
- स्वतंत्रता के बाद (Post-Independence):
- सरकार ने जनसंचार को राष्ट्रीय एकीकरण और विकास के उपकरण के रूप में देखा।
- सार्वजनिक प्रसारण (आकाशवाणी, दूरदर्शन) का विस्तार हुआ।
- विकास संचार (Development Communication) पर जोर दिया गया।
- उदारीकरण और निजीकरण (Liberalization and Privatization - 1990s onwards):
- निजी टीवी चैनलों का आगमन (स्टार टीवी, ज़ी टीवी)।
- मीडिया परिदृश्य में भारी प्रतिस्पर्धा और विविधता।
- विदेशी मीडिया घरानों का प्रवेश।
- डिजिटल क्रांति (Digital Revolution - 2000s onwards):
- इंटरनेट, मोबाइल फोन और सोशल मीडिया का तेजी से प्रसार।
- नागरिक पत्रकारिता और उपयोगकर्ता-जनित सामग्री का उदय।
- सूचना तक पहुँच में अभूतपूर्व वृद्धि।
5. मीडिया का विनियमन और नैतिकता (Regulation and Ethics of Media):
- स्वतंत्रता बनाम जवाबदेही (Freedom vs. Accountability): मीडिया की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन उसे अपनी सामग्री के लिए जवाबदेह भी होना चाहिए।
- सेंसरशिप (Censorship): सरकार द्वारा सामग्री पर नियंत्रण, विशेषकर आपातकाल या संवेदनशील मुद्दों पर।
- पेड न्यूज़ (Paid News): समाचार के रूप में प्रस्तुत विज्ञापन, जो पत्रकारिता की नैतिकता का उल्लंघन करता है।
- फेक न्यूज़ (Fake News): जानबूझकर फैलाई गई गलत या भ्रामक जानकारी, जो सार्वजनिक राय को प्रभावित कर सकती है।
- मीडिया की विश्वसनीयता (Credibility of Media): निष्पक्षता, वस्तुनिष्ठता और तथ्यों की सटीकता बनाए रखना मीडिया की विश्वसनीयता के लिए महत्वपूर्ण है।
- नियामक निकाय (Regulatory Bodies):
- प्रेस परिषद (Press Council of India - PCI): प्रिंट मीडिया के लिए एक स्व-नियामक निकाय।
- प्रसारण सामग्री शिकायत परिषद (Broadcasting Content Complaints Council - BCCC): निजी टीवी चैनलों के लिए शिकायत निवारण निकाय।
- भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI): दूरसंचार और प्रसारण सेवाओं को विनियमित करता है।
मुख्य अवधारणाएँ (Key Concepts):
- जनसंचार (Mass Communication): बड़े पैमाने पर दर्शकों तक सूचना पहुँचाने की प्रक्रिया।
- जनसंपर्क साधन (Mass Media): वे साधन जो जनसंचार में उपयोग होते हैं (समाचार पत्र, टीवी, रेडियो आदि)।
- एजेंडा सेटिंग (Agenda Setting): मीडिया द्वारा यह तय करना कि कौन से मुद्दे सार्वजनिक बहस में प्रमुख रहेंगे।
- गेटकीपिंग (Gatekeeping): मीडिया पेशेवरों द्वारा यह तय करना कि कौन सी जानकारी प्रकाशित या प्रसारित की जाएगी।
- मीडिया साक्षरता (Media Literacy): मीडिया संदेशों का आलोचनात्मक मूल्यांकन करने और उन्हें समझने की क्षमता।
- सांस्कृतिक साम्राज्यवाद (Cultural Imperialism): एक शक्तिशाली संस्कृति द्वारा अन्य संस्कृतियों पर अपना प्रभाव थोपना, अक्सर मीडिया के माध्यम से।
- डिजिटल डिवाइड (Digital Divide): सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) तक पहुँच में असमानता।
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
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भारत में प्रकाशित होने वाला पहला समाचार पत्र कौन सा था?
a) केसरी
b) बंगाल गजट
c) संवाद कौमुदी
d) यंग इंडिया -
ऑल इंडिया रेडियो (AIR) की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
a) 1927
b) 1936
c) 1947
d) 1959 -
'एजेंडा सेटिंग' से क्या तात्पर्य है?
a) मीडिया द्वारा केवल मनोरंजन कार्यक्रम प्रसारित करना।
b) मीडिया द्वारा यह तय करना कि कौन से मुद्दे सार्वजनिक बहस में प्रमुख रहेंगे।
c) सरकार द्वारा मीडिया पर नियंत्रण स्थापित करना।
d) मीडिया द्वारा विज्ञापनों का प्रसारण करना। -
भारतीय सिनेमा के जनक के रूप में किसे जाना जाता है?
a) सत्यजीत रे
b) राज कपूर
c) दादा साहब फाल्के
d) गुरु दत्त -
निम्न में से कौन सा डिजिटल मीडिया का एक उदाहरण नहीं है?
a) फेसबुक
b) ट्विटर
c) दूरदर्शन
d) व्हाट्सएप -
'पेड न्यूज़' का संबंध किससे है?
a) समाचार पत्रों की सदस्यता शुल्क
b) समाचार के रूप में प्रस्तुत विज्ञापन
c) पत्रकारों का वेतन
d) सरकारी विज्ञापनों का प्रकाशन -
प्रेस परिषद (Press Council of India) मुख्य रूप से किस मीडिया के लिए एक नियामक निकाय है?
a) टेलीविजन
b) रेडियो
c) प्रिंट मीडिया
d) सोशल मीडिया -
'डिजिटल डिवाइड' शब्द का क्या अर्थ है?
a) इंटरनेट पर सामग्री का विभाजन
b) विभिन्न डिजिटल उपकरणों के बीच अंतर
c) सूचना और संचार प्रौद्योगिकी तक पहुँच में असमानता
d) डिजिटल मार्केटिंग की रणनीतियाँ -
भारत में टेलीविजन का नियमित प्रसारण किस वर्ष शुरू हुआ?
a) 1959
b) 1965
c) 1976
d) 1982 -
महात्मा गांधी ने अपने विचारों के प्रसार के लिए निम्नलिखित में से किस समाचार पत्र का उपयोग किया था?
a) केसरी
b) बंगाल गजट
c) यंग इंडिया
d) संवाद कौमुदी
उत्तर कुंजी:
- b) बंगाल गजट
- b) 1936
- b) मीडिया द्वारा यह तय करना कि कौन से मुद्दे सार्वजनिक बहस में प्रमुख रहेंगे।
- c) दादा साहब फाल्के
- c) दूरदर्शन
- b) समाचार के रूप में प्रस्तुत विज्ञापन
- c) प्रिंट मीडिया
- c) सूचना और संचार प्रौद्योगिकी तक पहुँच में असमानता
- b) 1965
- c) यंग इंडिया
मुझे आशा है कि ये विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपको इस अध्याय की गहन समझ प्रदान करेंगे और आपकी सरकारी परीक्षा की तैयारी में सहायक होंगे। शुभकामनाएँ!