Class 12 Mathematics Notes Chapter 14 (प्रश्नपत्रा का प्रारूप, सेट - 1) – Examplar Problems (Hindi) Book

Examplar Problems (Hindi)
प्रिय विद्यार्थियों,

आज हम एनसीईआरटी कक्षा 12 की गणित की 'एग्ज़ैम्पलर प्रॉब्लम्स (हिंदी)' पुस्तक के अध्याय 14, 'प्रश्नपत्रा का प्रारूप, सेट - 1' का विस्तृत विश्लेषण करेंगे। यह अध्याय आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह आपको वास्तविक परीक्षा के पैटर्न, अंक वितरण और महत्वपूर्ण विषयों की गहरी समझ प्रदान करेगा।


अध्याय 14: प्रश्नपत्रा का प्रारूप, सेट - 1 - परीक्षा की तैयारी हेतु विस्तृत विश्लेषण

यह अध्याय मूल रूप से एक मॉडल प्रश्नपत्र है जो आपको यह समझने में मदद करता है कि अंतिम बोर्ड परीक्षा या किसी भी समान सरकारी परीक्षा में गणित का प्रश्नपत्र कैसा दिखेगा। इसका उद्देश्य आपको परीक्षा के पैटर्न से परिचित कराना और प्रभावी तैयारी के लिए एक रोडमैप प्रदान करना है।

I. प्रश्नपत्र का सामान्य प्रारूप (General Format of the Question Paper)

सरकारी परीक्षाओं में, विशेषकर कक्षा 12 के पाठ्यक्रम पर आधारित, गणित के प्रश्नपत्र का प्रारूप सामान्यतः निम्नलिखित प्रकार का होता है:

  • कुल अंक: 80 अंक (20 अंक आंतरिक मूल्यांकन के लिए होते हैं)।
  • समय अवधि: 3 घंटे।
  • खंडों की संख्या: प्रश्नपत्र को सामान्यतः पाँच खंडों – अ, ब, स, द और य – में विभाजित किया जाता है।

प्रत्येक खंड का विस्तृत विवरण:

  • खंड अ (बहुविकल्पीय प्रश्न - MCQs):

    • प्रश्न संख्या: 18 प्रश्न (प्रश्न संख्या 1 से 18 तक)।
    • अंक भार: प्रत्येक प्रश्न 1 अंक का होता है।
    • कुल अंक: 18 अंक।
    • प्रकार: इसमें बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions) और अभिकथन-कारण (Assertion-Reasoning) प्रकार के प्रश्न शामिल होते हैं। इन प्रश्नों का उद्देश्य आपकी अवधारणात्मक समझ का परीक्षण करना है।
  • खंड ब (अति लघु उत्तरीय प्रश्न):

    • प्रश्न संख्या: 5 प्रश्न (प्रश्न संख्या 19 से 23 तक)।
    • अंक भार: प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का होता है।
    • कुल अंक: 10 अंक।
    • प्रकार: इन प्रश्नों के उत्तर संक्षिप्त और सीधे होते हैं, जिनमें एक या दो चरणों में हल अपेक्षित होता है।
  • खंड स (लघु उत्तरीय प्रश्न):

    • प्रश्न संख्या: 6 प्रश्न (प्रश्न संख्या 24 से 29 तक)।
    • अंक भार: प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का होता है।
    • कुल अंक: 18 अंक।
    • आंतरिक विकल्प: इस खंड में सामान्यतः 2 प्रश्नों में आंतरिक विकल्प (अर्थात 'अथवा' का विकल्प) दिए जाते हैं।
  • खंड द (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न):

    • प्रश्न संख्या: 4 प्रश्न (प्रश्न संख्या 30 से 33 तक)।
    • अंक भार: प्रत्येक प्रश्न 5 अंक का होता है।
    • कुल अंक: 20 अंक।
    • आंतरिक विकल्प: इस खंड में भी सामान्यतः 2 प्रश्नों में आंतरिक विकल्प दिए जाते हैं। ये प्रश्न विस्तृत हल और गहन समझ की मांग करते हैं।
  • खंड य (केस-स्टडी आधारित प्रश्न):

    • प्रश्न संख्या: 3 प्रश्न (प्रश्न संख्या 34 से 36 तक)।
    • अंक भार: प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का होता है।
    • कुल अंक: 12 अंक।
    • प्रकार: प्रत्येक केस-स्टडी प्रश्न में 3 उप-भाग होते हैं (जैसे 1+1+2 अंक या 1+2+1 अंक)। ये प्रश्न वास्तविक जीवन की स्थितियों पर आधारित होते हैं और आपकी विश्लेषणात्मक और समस्या-समाधान क्षमताओं का परीक्षण करते हैं।
    • आंतरिक विकल्प: उप-भागों में आंतरिक विकल्प भी दिए जा सकते हैं।

सामान्य निर्देश (General Instructions):

  • कैलकुलेटर के उपयोग की अनुमति नहीं होती है।
  • सभी प्रश्न अनिवार्य होते हैं, हालांकि कुछ प्रश्नों में आंतरिक विकल्प दिए जाते हैं।
  • जहाँ आवश्यक हो, स्वच्छ आरेख बनाना महत्वपूर्ण है।

II. महत्वपूर्ण विषय-वस्तु एवं अंक भार (Important Topics and Weightage)

'सेट - 1' जैसे मॉडल प्रश्नपत्र में कक्षा 12 गणित के सभी महत्वपूर्ण अध्यायों से प्रश्न शामिल होते हैं। आपकी तैयारी को दिशा देने के लिए, यहाँ इकाई-वार महत्वपूर्ण विषय-वस्तु और उनका अनुमानित अंक भार दिया गया है:

  1. इकाई I: संबंध एवं फलन (Relations & Functions) - (अनुमानित 8 अंक)

    • संबंधों के प्रकार (स्वतुल्य, सममित, संक्रामक, तुल्यता)।
    • फलन के प्रकार (एकैकी, आच्छादक, व्युत्क्रमणीय फलन)।
    • प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन के गुणधर्म और उनके मुख्य मान।
  2. इकाई II: बीजगणित (Algebra) - (अनुमानित 10 अंक)

    • आव्यूह के प्रकार, आव्यूहों पर संक्रियाएँ (जोड़, घटाव, गुणा)।
    • परिवर्तित आव्यूह, सममित और विषम सममित आव्यूह।
    • आव्यूह का व्युत्क्रम (प्रारंभिक संक्रियाओं या सहखंडज विधि से)।
    • सारणिक के गुणधर्म, सहखंडज और उपसारणिक।
    • सारणिकों का उपयोग त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करने में।
    • आव्यूह विधि से रैखिक समीकरण निकाय का हल।
  3. इकाई III: कलन (Calculus) - (अनुमानित 35 अंक)

    • सांतत्य और अवकलनीयता, शृंखला नियम।
    • प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों, चरघातांकी और लघुगणकीय फलनों का अवकलन।
    • अवकलज के अनुप्रयोग: वर्धमान और ह्रासमान फलन, स्पर्श रेखा और अभिलम्ब, सन्निकटन, उच्चिष्ठ और निम्निष्ठ।
    • समाकलन: प्रतिस्थापन विधि, खंडशः समाकलन, आंशिक भिन्न द्वारा समाकलन, निश्चित समाकलन के गुणधर्म।
    • समाकलनों के अनुप्रयोग: वक्रों द्वारा परिबद्ध क्षेत्र का क्षेत्रफल।
    • अवकल समीकरण: कोटि और घात, व्यापक और विशिष्ट हल, चरों के पृथक्करण, समघातीय और रैखिक अवकल समीकरणों का हल।
  4. इकाई IV: सदिश तथा त्रिविमीय ज्यामिति (Vectors & 3D Geometry) - (अनुमानित 14 अंक)

    • सदिशों के प्रकार, सदिशों का जोड़, अदिश गुणनफल और सदिश गुणनफल।
    • त्रिविमीय ज्यामिति: दिक् कोसाइन और दिक् अनुपात, रेखा का समीकरण (सदिश और कार्तीय रूप)।
    • दो रेखाओं के बीच का कोण, दो विषम तलीय रेखाओं के बीच की न्यूनतम दूरी।
    • समतल का समीकरण (सदिश और कार्तीय रूप), समतल और रेखा के बीच का कोण, दो समतलों के बीच का कोण।
  5. इकाई V: रैखिक प्रोग्रामन (Linear Programming) - (अनुमानित 5 अंक)

    • रैखिक प्रोग्रामन समस्याओं का गणितीय सूत्रीकरण।
    • आलेखी विधि द्वारा रैखिक प्रोग्रामन समस्याओं का हल (सुसंगत क्षेत्र, उद्देश्य फलन का अधिकतम/न्यूनतम मान)।
  6. इकाई VI: प्रायिकता (Probability) - (अनुमानित 8 अंक)

    • सप्रतिबंध प्रायिकता, स्वतंत्र घटनाएँ।
    • प्रायिकता का गुणन नियम, कुल प्रायिकता प्रमेय।
    • बेज़ प्रमेय।
    • प्रायिकता बंटन, माध्य और प्रसरण।

III. सरकारी परीक्षा की तैयारी हेतु महत्वपूर्ण सुझाव (Important Tips for Government Exam Preparation)

  1. पाठ्यक्रम का गहन अध्ययन: प्रत्येक अध्याय और विषय-वस्तु को विस्तार से समझें। कोई भी महत्वपूर्ण अवधारणा न छोड़ें।
  2. अवधारणाओं की स्पष्टता: केवल रटने के बजाय, प्रत्येक गणितीय अवधारणा के पीछे के तर्क और सिद्धांत को समझें। यह आपको विभिन्न प्रकार के प्रश्नों को हल करने में मदद करेगा।
  3. सूत्रों और प्रमेयों का अभ्यास: सभी महत्वपूर्ण सूत्रों, प्रमेयों और उनके अनुप्रयोगों को याद रखें। एक अलग नोटबुक में सभी सूत्रों को लिखें और नियमित रूप से दोहराएं।
  4. समस्या समाधान कौशल: विभिन्न प्रकार की समस्याओं (NCERT, Exemplar, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों से) को हल करने का नियमित अभ्यास करें। कठिन प्रश्नों को चिह्नित करें और उन्हें बार-बार हल करें।
  5. समय प्रबंधन: परीक्षा के दौरान प्रत्येक खंड के लिए समय सीमा निर्धारित करें और उसका पालन करने का अभ्यास करें। मॉक टेस्ट देते समय घड़ी का उपयोग करें।
  6. पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास: परीक्षा पैटर्न, महत्वपूर्ण विषयों और समय प्रबंधन को समझने के लिए पिछले 5-10 वर्षों के प्रश्नपत्रों को निर्धारित समय में हल करें। यह आपको परीक्षा के माहौल के लिए तैयार करेगा।
  7. गलतियों का विश्लेषण: मॉक टेस्ट या अभ्यास के दौरान की गई गलतियों को पहचानें। समझें कि गलती कहाँ हुई (अवधारणा की कमी, गणना की त्रुटि, समय प्रबंधन) और उन्हें सुधारने के लिए काम करें।
  8. प्रस्तुतीकरण कौशल: उत्तरों को स्पष्ट, व्यवस्थित और चरण-दर-चरण लिखें। गणित में प्रत्येक चरण के अंक होते हैं, इसलिए भले ही अंतिम उत्तर गलत हो, सही चरणों के लिए अंक मिल सकते हैं।
  9. केस-स्टडी प्रश्नों पर विशेष ध्यान: इन प्रश्नों के लिए दिए गए डेटा को ध्यान से पढ़ना, उसे समझना और उसे गणितीय रूप में ढालना महत्वपूर्ण है। इन प्रश्नों का नियमित अभ्यास करें।
  10. नियमित पुनरावृति: जो कुछ भी आपने पढ़ा है, उसे नियमित रूप से दोहराते रहें ताकि आप उसे लंबे समय तक याद रख सकें।

बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

यहाँ 'प्रश्नपत्रा का प्रारूप, सेट - 1' और सामान्य परीक्षा तैयारी पर आधारित 10 बहुविकल्पीय प्रश्न दिए गए हैं:

  1. कक्षा 12 गणित के प्रश्नपत्र में सामान्यतः कितने खंड होते हैं?
    a) 3
    b) 4
    c) 5
    d) 6

  2. गणित के प्रश्नपत्र में बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) का प्रत्येक प्रश्न कितने अंक का होता है?
    a) 0.5 अंक
    b) 1 अंक
    c) 2 अंक
    d) 3 अंक

  3. दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों का अपेक्षित अंक भार क्या होता है?
    a) 2 अंक
    b) 3 अंक
    c) 4 अंक
    d) 5 अंक

  4. क्या गणित के प्रश्नपत्र में कैलकुलेटर के उपयोग की अनुमति है?
    a) हाँ, वैज्ञानिक कैलकुलेटर की
    b) हाँ, किसी भी कैलकुलेटर की
    c) नहीं, कैलकुलेटर की अनुमति नहीं है
    d) केवल कुछ विशेष प्रश्नों के लिए

  5. मॉडल प्रश्नपत्र 'सेट-1' का मुख्य उद्देश्य क्या है?
    a) केवल कठिन प्रश्नों का अभ्यास कराना
    b) परीक्षा के प्रारूप और पैटर्न से परिचित कराना
    c) केवल बहुविकल्पीय प्रश्नों का अभ्यास कराना
    d) केवल नए अध्यायों को पढ़ाना

  6. किस प्रकार के प्रश्नों में आंतरिक विकल्प (अथवा) मिलने की संभावना सबसे अधिक होती है?
    a) बहुविकल्पीय प्रश्न
    b) अति लघु उत्तरीय प्रश्न
    c) लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
    d) केस-स्टडी आधारित प्रश्न के उप-भागों में कभी नहीं

  7. समय प्रबंधन के लिए सबसे महत्वपूर्ण अभ्यास क्या है?
    a) केवल आसान प्रश्नों को हल करना
    b) बिना घड़ी देखे अभ्यास करना
    c) निर्धारित समय-सीमा में पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करना
    d) केवल सूत्रों को याद करना

  8. यदि किसी प्रश्न में 'अथवा' का विकल्प हो, तो एक विद्यार्थी को क्या करना चाहिए?
    a) दोनों प्रश्नों को हल करना चाहिए
    b) दोनों में से जो प्रश्न अधिक कठिन लगे, उसे हल करना चाहिए
    c) दोनों में से जो प्रश्न सबसे अच्छी तरह आता हो, उसे हल करना चाहिए
    d) किसी भी एक प्रश्न को हल करना चाहिए, चाहे वह आता हो या नहीं

  9. गणित में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण अभ्यास क्या है?
    a) केवल पाठ्यपुस्तक पढ़ना
    b) केवल नोट्स बनाना
    c) नियमित रूप से विभिन्न प्रकार की समस्याओं को हल करने का अभ्यास करना
    d) केवल अंतिम समय में पढ़ाई करना

  10. केस-स्टडी आधारित प्रश्न सामान्यतः किस खंड में पूछे जाते हैं और उनका प्रत्येक प्रश्न कितने अंक का होता है?
    a) खंड अ, 1 अंक
    b) खंड ब, 2 अंक
    c) खंड द, 5 अंक
    d) खंड य, 4 अंक


उत्तरमाला (MCQs):

  1. c) 5
  2. b) 1 अंक
  3. d) 5 अंक
  4. c) नहीं, कैलकुलेटर की अनुमति नहीं है
  5. b) परीक्षा के प्रारूप और पैटर्न से परिचित कराना
  6. c) लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
  7. c) निर्धारित समय-सीमा में पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करना
  8. c) दोनों में से जो प्रश्न सबसे अच्छी तरह आता हो, उसे हल करना चाहिए
  9. c) नियमित रूप से विभिन्न प्रकार की समस्याओं को हल करने का अभ्यास करना
  10. d) खंड य, 4 अंक

मुझे आशा है कि यह विस्तृत विश्लेषण और बहुविकल्पीय प्रश्न आपकी सरकारी परीक्षा की तैयारी में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। अपनी तैयारी को निरंतर जारी रखें और सफलता अवश्य मिलेगी।

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