Class 12 Mathematics Notes Chapter 9 (अवकल समीकरण) – Examplar Problems (Hindi) Book

Examplar Problems (Hindi)
प्रिय विद्यार्थियों,

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अवकल समीकरण एक अत्यंत महत्वपूर्ण अध्याय है। इस अध्याय से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें अवकल समीकरण का क्रम और घात ज्ञात करना, या किसी दिए गए अवकल समीकरण का हल ज्ञात करना शामिल है। आइए, इस अध्याय के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को विस्तार से समझते हैं।


अध्याय 9: अवकल समीकरण (Differential Equations) - विस्तृत नोट्स

1. अवकल समीकरण की परिभाषा (Definition of a Differential Equation)

एक समीकरण जिसमें एक स्वतंत्र चर (independent variable), एक आश्रित चर (dependent variable) और आश्रित चर के स्वतंत्र चर के सापेक्ष अवकलज (derivatives) शामिल होते हैं, उसे अवकल समीकरण कहते हैं।

  • उदाहरण:
    • $\frac{dy}{dx} = \cos x$
    • $\frac{d2y}{dx2} + y = 0$
    • $x \frac{dy}{dx} + y = xy \frac{d2y}{dx2}$

2. अवकल समीकरण का क्रम (Order of a Differential Equation)

किसी अवकल समीकरण का क्रम उसमें उपस्थित उच्चतम क्रम के अवकलज (highest order derivative) का क्रम होता है।

  • उदाहरण:
    • $\frac{dy}{dx} = \cos x$: उच्चतम क्रम का अवकलज $\frac{dy}{dx}$ है, जिसका क्रम 1 है। अतः, इस अवकल समीकरण का क्रम 1 है।
    • $\frac{d2y}{dx2} + y = 0$: उच्चतम क्रम का अवकलज $\frac{d2y}{dx2}$ है, जिसका क्रम 2 है। अतः, इस अवकल समीकरण का क्रम 2 है।
    • $\left(\frac{d3y}{dx3}\right)^2 + \left(\frac{dy}{dx}\right)^4 + y = 0$: उच्चतम क्रम का अवकलज $\frac{d3y}{dx3}$ है, जिसका क्रम 3 है। अतः, इस अवकल समीकरण का क्रम 3 है।

3. अवकल समीकरण की घात (Degree of a Differential Equation)

किसी अवकल समीकरण की घात उसमें उपस्थित उच्चतम क्रम के अवकलज की घात (power) होती है, बशर्ते अवकल समीकरण को अवकलजों में एक बहुपद समीकरण (polynomial equation in derivatives) के रूप में व्यक्त किया जा सके।

  • महत्वपूर्ण बिंदु: यदि अवकलज त्रिकोणमितीय फलन (जैसे $\sin(\frac{dy}{dx})$), लघुगणकीय फलन (जैसे $\log(\frac{d2y}{dx2})$) या घातांकीय फलन (जैसे $e^{\frac{dy}{dx}}$) के अंदर हों, तो अवकल समीकरण की घात अपरिभाषित (undefined) होती है।

  • उदाहरण:

    • $\frac{dy}{dx} = \cos x$: उच्चतम क्रम का अवकलज $\frac{dy}{dx}$ है, जिसकी घात 1 है। अतः, इस अवकल समीकरण की घात 1 है।
    • $\frac{d2y}{dx2} + y = 0$: उच्चतम क्रम का अवकलज $\frac{d2y}{dx2}$ है, जिसकी घात 1 है। अतः, इस अवकल समीकरण की घात 1 है।
    • $\left(\frac{d3y}{dx3}\right)^2 + \left(\frac{dy}{dx}\right)^4 + y = 0$: उच्चतम क्रम का अवकलज $\frac{d3y}{dx3}$ है, जिसकी घात 2 है। अतः, इस अवकल समीकरण की घात 2 है।
    • $\frac{d2y}{dx2} + \sin\left(\frac{dy}{dx}\right) = 0$: उच्चतम क्रम का अवकलज $\frac{d2y}{dx2}$ है। लेकिन $\frac{dy}{dx}$ एक त्रिकोणमितीय फलन के अंदर है, इसलिए अवकल समीकरण को अवकलजों में बहुपद के रूप में व्यक्त नहीं किया जा सकता। अतः, इसकी घात अपरिभाषित है।

4. अवकल समीकरण का हल (Solution of a Differential Equation)

एक फलन जो किसी अवकल समीकरण को संतुष्ट करता है, उस अवकल समीकरण का हल कहलाता है। हल दो प्रकार के होते हैं:

  • व्यापक हल (General Solution): वह हल जिसमें स्वेच्छ अचर (arbitrary constants) शामिल होते हैं। इन स्वेच्छ अचरों की संख्या अवकल समीकरण के क्रम के बराबर होती है।

    • उदाहरण: अवकल समीकरण $\frac{dy}{dx} = \cos x$ का व्यापक हल $y = \sin x + C$ है, जहाँ $C$ एक स्वेच्छ अचर है।
  • विशिष्ट हल (Particular Solution): वह हल जो व्यापक हल से स्वेच्छ अचरों को विशिष्ट मान देकर प्राप्त होता है। यह प्रायः दी गई प्रारंभिक शर्तों (initial conditions) को संतुष्ट करता है।

    • उदाहरण: यदि $\frac{dy}{dx} = \cos x$ का हल $y(0) = 1$ शर्त को संतुष्ट करता है, तो $1 = \sin(0) + C \implies C = 1$। अतः, विशिष्ट हल $y = \sin x + 1$ होगा।

5. दिए गए व्यापक हल से अवकल समीकरण का निर्माण (Formation of a Differential Equation from its General Solution)

एक दिए गए फलन से अवकल समीकरण बनाने के लिए, हम फलन का उतनी बार अवकलन करते हैं जितनी उसमें स्वेच्छ अचरों की संख्या होती है। फिर, इन अवकल समीकरणों की सहायता से स्वेच्छ अचरों को विलुप्त करते हैं।

  • उदाहरण: $y = Ax + B$ से अवकल समीकरण बनाइए।
    • यहाँ दो स्वेच्छ अचर ($A, B$) हैं, इसलिए हम दो बार अवकलन करेंगे।
    • $\frac{dy}{dx} = A$
    • $\frac{d2y}{dx2} = 0$
    • यह वांछित अवकल समीकरण है।

6. अवकल समीकरणों को हल करने की विधियाँ (Methods of Solving Differential Equations)

कक्षा 12 के पाठ्यक्रम में मुख्यतः तीन प्रकार के प्रथम क्रम के अवकल समीकरणों को हल करने की विधियाँ शामिल हैं:

A. चरों के पृथक्करण वाली विधि (Variable Separable Method)

यदि एक अवकल समीकरण को $f(x) dx = g(y) dy$ के रूप में व्यक्त किया जा सके, तो इसे चरों के पृथक्करण वाली विधि से हल किया जा सकता है।

  • कार्यविधि:

    1. अवकल समीकरण को इस प्रकार व्यवस्थित करें कि $x$ वाले पद $dx$ के साथ और $y$ वाले पद $dy$ के साथ आ जाएँ।
    2. दोनों पक्षों का समाकलन करें।
    3. समाकलन स्थिरांक $C$ जोड़ें।
  • उदाहरण: $\frac{dy}{dx} = \frac{1+y2}{1+x2}$ को हल कीजिए।

    • $\frac{dy}{1+y^2} = \frac{dx}{1+x^2}$ (चरों का पृथक्करण)
    • $\int \frac{dy}{1+y^2} = \int \frac{dx}{1+x^2}$
    • $\tan^{-1}y = \tan^{-1}x + C$ (यह व्यापक हल है)

B. समघातीय अवकल समीकरण (Homogeneous Differential Equations)

एक प्रथम क्रम का अवकल समीकरण $\frac{dy}{dx} = f(x,y)$ समघातीय कहलाता है यदि $f(x,y)$ शून्य घात का समघातीय फलन हो। इसका अर्थ है कि $f(\lambda x, \lambda y) = \lambda^0 f(x,y) = f(x,y)$।
ऐसे समीकरणों को $\frac{dy}{dx} = g\left(\frac{y}{x}\right)$ के रूप में भी लिखा जा सकता है।

  • कार्यविधि:

    1. पहचान करें कि समीकरण समघातीय है।
    2. प्रतिस्थापन $y = vx$ करें।
    3. अवकलन करने पर $\frac{dy}{dx} = v + x \frac{dv}{dx}$ प्राप्त होता है।
    4. इन मानों को मूल समीकरण में प्रतिस्थापित करें। समीकरण $v$ और $x$ में चरों के पृथक्करण वाली विधि में बदल जाएगा।
    5. चरों को पृथक् करके समाकलन करें।
    6. अंत में, $v$ को $\frac{y}{x}$ से प्रतिस्थापित करके व्यापक हल प्राप्त करें।
  • उदाहरण: $(x^2+xy)dy = (x2+y2)dx$ को हल कीजिए।

    • $\frac{dy}{dx} = \frac{x2+y2}{x^2+xy} = \frac{1+(y/x)^2}{1+(y/x)}$ (यह समघातीय है)
    • माना $y=vx \implies \frac{dy}{dx} = v + x\frac{dv}{dx}$
    • $v + x\frac{dv}{dx} = \frac{1+v^2}{1+v}$
    • $x\frac{dv}{dx} = \frac{1+v^2}{1+v} - v = \frac{1+v2-v-v2}{1+v} = \frac{1-v}{1+v}$
    • $\frac{1+v}{1-v} dv = \frac{dx}{x}$ (चरों का पृथक्करण)
    • $\int \frac{1+v}{1-v} dv = \int \frac{dx}{x}$
    • $\int \left(\frac{2}{1-v} - 1\right) dv = \int \frac{dx}{x}$
    • $-2\log|1-v| - v = \log|x| + C$
    • $v = y/x$ प्रतिस्थापित करने पर: $-2\log\left|1-\frac{y}{x}\right| - \frac{y}{x} = \log|x| + C$

C. रैखिक अवकल समीकरण (Linear Differential Equations)

एक प्रथम क्रम का अवकल समीकरण रैखिक कहलाता है यदि वह निम्न में से किसी एक रूप में हो:

  • प्रारूप 1: $\frac{dy}{dx} + Py = Q$, जहाँ $P$ और $Q$ केवल $x$ के फलन हों या अचर हों।

    • समाकलन गुणांक (Integrating Factor, IF): $e^{\int P dx}$
    • हल: $y \cdot (\text{IF}) = \int Q \cdot (\text{IF}) dx + C$
  • प्रारूप 2: $\frac{dx}{dy} + Px = Q$, जहाँ $P$ और $Q$ केवल $y$ के फलन हों या अचर हों।

    • समाकलन गुणांक (IF): $e^{\int P dy}$
    • हल: $x \cdot (\text{IF}) = \int Q \cdot (\text{IF}) dy + C$
  • उदाहरण (प्रारूप 1): $\frac{dy}{dx} + \frac{y}{x} = x^2$ को हल कीजिए।

    • यह $\frac{dy}{dx} + Py = Q$ के रूप में है, जहाँ $P = \frac{1}{x}$ और $Q = x^2$।
    • IF = $e^{\int \frac{1}{x} dx} = e^{\log|x|} = x$
    • हल: $y \cdot x = \int x^2 \cdot x dx + C$
    • $xy = \int x^3 dx + C$
    • $xy = \frac{x^4}{4} + C$ (यह व्यापक हल है)
  • उदाहरण (प्रारूप 2): $(1+y^2)dx + (x - e{\tan{-1}y})dy = 0$ को हल कीजिए।

    • $\frac{dx}{dy} + \frac{x}{1+y^2} = \frac{e{\tan{-1}y}}{1+y^2}$
    • यह $\frac{dx}{dy} + Px = Q$ के रूप में है, जहाँ $P = \frac{1}{1+y^2}$ और $Q = \frac{e{\tan{-1}y}}{1+y^2}$।
    • IF = $e^{\int \frac{1}{1+y^2} dy} = e{\tan{-1}y}$
    • हल: $x \cdot e{\tan{-1}y} = \int \frac{e{\tan{-1}y}}{1+y^2} \cdot e{\tan{-1}y} dy + C$
    • $x e{\tan{-1}y} = \int e{2\tan{-1}y} \frac{1}{1+y^2} dy + C$
    • माना $t = \tan^{-1}y \implies dt = \frac{1}{1+y^2} dy$
    • $x e{\tan{-1}y} = \int e^{2t} dt + C = \frac{e^{2t}}{2} + C$
    • $x e{\tan{-1}y} = \frac{e{2\tan{-1}y}}{2} + C$

प्रतियोगी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points for Exam Preparation):

  • क्रम और घात: घात अपरिभाषित होने वाले मामलों पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि यह एक सामान्य गलती का बिंदु है।
  • पहचान: अवकल समीकरण को हल करने से पहले उसकी प्रकृति (चर पृथक्करण, समघातीय, रैखिक) को सही ढंग से पहचानना महत्वपूर्ण है। गलत विधि का चुनाव समय बर्बाद कर सकता है।
  • समाकलन: अवकल समीकरणों को हल करने में समाकलन का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। समाकलन के सूत्रों और विभिन्न विधियों पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए।
  • विशिष्ट हल: प्रारंभिक शर्तों का उपयोग करके स्वेच्छ अचर का मान सही ढंग से ज्ञात करें।
  • रैखिक अवकल समीकरण: समाकलन गुणांक (IF) की गणना और हल के सूत्र को याद रखें, क्योंकि इससे संबंधित सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं।

बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions - MCQs)

अब, आपके अभ्यास के लिए 10 बहुविकल्पीय प्रश्न:

1. अवकल समीकरण $\left(\frac{d2y}{dx2}\right)^3 + \cos\left(\frac{dy}{dx}\right) = 0$ का क्रम और घात क्रमशः है:
(a) 2, 3
(b) 3, 2
(c) 2, अपरिभाषित
(d) 3, अपरिभाषित

2. अवकल समीकरण $y = A e^{3x} + B e^{-2x}$ का निर्माण करने वाला अवकल समीकरण है:
(a) $\frac{d2y}{dx2} - \frac{dy}{dx} - 6y = 0$
(b) $\frac{d2y}{dx2} + \frac{dy}{dx} - 6y = 0$
(c) $\frac{d2y}{dx2} - 5\frac{dy}{dx} - 6y = 0$
(d) $\frac{d2y}{dx2} + 5\frac{dy}{dx} - 6y = 0$

3. अवकल समीकरण $\frac{dy}{dx} = \frac{x+y}{x}$ का हल है:
(a) $y = x \log|x| + Cx$
(b) $y = x \log|x| + C$
(c) $y = \log|x| + C$
(d) $y = x(\log|x| + C)$

4. अवकल समीकरण $\frac{dy}{dx} + y \cot x = 2x + x^2 \cot x$ का समाकलन गुणांक (Integrating Factor) है:
(a) $\sin x$
(b) $\cos x$
(c) $e^{\sin x}$
(d) $e^{\cos x}$

5. अवकल समीकरण $\frac{dy}{dx} = e^{x+y}$ का व्यापक हल है:
(a) $e^x + e^y = C$
(b) $e^x - e^y = C$
(c) $e^x + e^{-y} = C$
(d) $e^x - e^{-y} = C$

6. अवकल समीकरण $\frac{dy}{dx} + \frac{y}{x} = 1$ का हल है:
(a) $y = x + C$
(b) $xy = \frac{x^2}{2} + C$
(c) $y = \frac{x}{2} + \frac{C}{x}$
(d) $y = x^2 + C$

7. अवकल समीकरण $x \frac{dy}{dx} - y = x^2$ का व्यापक हल है:
(a) $y = x^2 + Cx$
(b) $y = x \log|x| + Cx$
(c) $y = x \log|x| + C$
(d) $y = x^2 + C$

8. अवकल समीकरण $\frac{dy}{dx} = \frac{y}{x} + \tan\left(\frac{y}{x}\right)$ का हल है:
(a) $\sin\left(\frac{y}{x}\right) = Cx$
(b) $\cos\left(\frac{y}{x}\right) = Cx$
(c) $\sec\left(\frac{y}{x}\right) = Cx$
(d) $\tan\left(\frac{y}{x}\right) = Cx$

9. यदि $\frac{dy}{dx} = y \tan x$ और $y(0) = 1$, तो $y(\frac{\pi}{3})$ का मान है:
(a) $\frac{1}{2}$
(b) $\sqrt{3}$
(c) $2$
(d) $1$

10. अवकल समीकरण $\left(1+x^2\right)\frac{dy}{dx} + 2xy = 4x^2$ का समाकलन गुणांक (Integrating Factor) है:
(a) $x^2$
(b) $1+x^2$
(c) $\frac{1}{1+x^2}$
(d) $e{1+x2}$


उत्तर कुंजी (Answer Key):

  1. (c)
  2. (a)
  3. (a)
  4. (a)
  5. (c)
  6. (b)
  7. (a)
  8. (a)
  9. (c)
  10. (b)

शुभकामनाएँ! अपनी तैयारी जारी रखें।

Read more