Class 12 Physics Notes Chapter 1 (वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र) – Bhautiki-I Book

Bhautiki-I
प्रिय विद्यार्थियों,

आज हम कक्षा 12 भौतिकी के प्रथम अध्याय 'वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र' का विस्तृत अध्ययन करेंगे, जो आपकी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह अध्याय वैद्युतचुंबकत्व की नींव रखता है और इसके सिद्धांतों को समझना आगामी अध्यायों के लिए आवश्यक है।


अध्याय 1: वैद्युत आवेश तथा क्षेत्र (Electric Charges and Fields)

1. वैद्युत आवेश (Electric Charge)

  • परिभाषा: वैद्युत आवेश पदार्थ का वह आंतरिक गुण है जिसके कारण वह वैद्युत तथा चुंबकीय प्रभाव उत्पन्न करता है और उनका अनुभव करता है।
  • प्रकार: आवेश दो प्रकार के होते हैं:
    • धनात्मक आवेश (Positive Charge): प्रोटॉन पर पाया जाता है।
    • ऋणात्मक आवेश (Negative Charge): इलेक्ट्रॉन पर पाया जाता है।
  • आवेश का मात्रक: आवेश का SI मात्रक कूलॉम (Coulomb) है (प्रतीक: C)।
    • एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश: $e = -1.6 \times 10^{-19}$ C
    • एक प्रोटॉन पर आवेश: $e = +1.6 \times 10^{-19}$ C
  • आवेश के गुणधर्म:
    1. आवेशों की योज्यता (Additivity of Charges): किसी निकाय का कुल आवेश उसके विभिन्न घटकों पर उपस्थित सभी आवेशों का बीजगणितीय योग होता है। (जैसे: $q_{कुल} = q_1 + q_2 + q_3 + ...$)
    2. आवेश का संरक्षण (Conservation of Charge): आवेश को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है। किसी विलगित निकाय का कुल आवेश सदैव संरक्षित रहता है।
    3. आवेश का क्वांटमीकरण (Quantization of Charge): किसी भी आवेशित वस्तु पर आवेश की मात्रा मूल आवेश (इलेक्ट्रॉन या प्रोटॉन पर आवेश) के पूर्णांक गुणज में होती है।
      • $q = \pm ne$, जहाँ $n = 1, 2, 3, ...$ और $e = 1.6 \times 10^{-19}$ C.
  • आवेश की उत्पत्ति की विधियाँ:
    1. घर्षण द्वारा आवेशन (Charging by Friction): जब दो वस्तुओं को आपस में रगड़ा जाता है, तो एक वस्तु से इलेक्ट्रॉन दूसरी वस्तु में स्थानांतरित हो जाते हैं, जिससे वे विपरीत आवेशित हो जाती हैं। (जैसे: कांच की छड़ को रेशम से रगड़ना)
    2. चालन द्वारा आवेशन (Charging by Conduction): जब एक आवेशित वस्तु को एक अनावेशित चालक वस्तु के संपर्क में लाया जाता है, तो आवेश अनावेशित वस्तु में स्थानांतरित हो जाता है, जिससे दोनों पर समान प्रकृति का आवेश आता है।
    3. प्रेरण द्वारा आवेशन (Charging by Induction): एक आवेशित वस्तु को बिना संपर्क में लाए, उसके पास रखने से अनावेशित वस्तु पर विपरीत प्रकृति का आवेश उत्पन्न हो जाता है।

2. कूलॉम का नियम (Coulomb's Law)

  • कथन: दो बिंदु आवेशों के बीच लगने वाला वैद्युत बल उन आवेशों के परिमाणों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। यह बल दोनों आवेशों को मिलाने वाली रेखा के अनुदिश कार्य करता है।
  • गणितीय रूप:
    $F = k \frac{|q_1 q_2|}{r^2}$
    जहाँ:
    • $F$ = वैद्युत बल
    • $q_1, q_2$ = दो बिंदु आवेशों के परिमाण
    • $r$ = आवेशों के बीच की दूरी
    • $k$ = आनुपातिकता नियतांक, जिसे कूलॉम नियतांक कहते हैं।
  • $k$ का मान:
    • निर्वात या वायु में: $k = \frac{1}{4\pi\epsilon_0}$
    • $\epsilon_0$ (एप्साइलन नॉट) निर्वात की वैद्युतशीलता है।
    • $\epsilon_0$ का मान: $8.854 \times 10^{-12}$ C$^2$ N$^{-1}$ m$^{-2}$
    • $k$ का संख्यात्मक मान: $9 \times 10^9$ N m$^2$ C$^{-2}$
  • सदिश रूप (Vector Form):
    $\vec{F}{12} = \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{q_1 q_2}{r^2} \hat{r}{21}$ (आवेश 2 द्वारा आवेश 1 पर बल)
    $\vec{F}{21} = \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{q_1 q_2}{r^2} \hat{r}{12}$ (आवेश 1 द्वारा आवेश 2 पर बल)
    जहाँ $\hat{r}{21}$ आवेश 2 से आवेश 1 की ओर इकाई सदिश है।
    न्यूटन के तीसरे नियम के अनुसार: $\vec{F}
    {12} = -\vec{F}_{21}$
  • परावैद्युतांक (Dielectric Constant) या सापेक्ष वैद्युतशीलता ($\epsilon_r$):
    किसी माध्यम में वैद्युत बल, निर्वात में बल से कम होता है।
    $F_{माध्यम} = \frac{1}{4\pi\epsilon} \frac{|q_1 q_2|}{r^2}$
    जहाँ $\epsilon$ माध्यम की निरपेक्ष वैद्युतशीलता है।
    $\epsilon_r = \frac{\epsilon}{\epsilon_0}$ या $\epsilon = \epsilon_0 \epsilon_r$
    अतः, $F_{माध्यम} = \frac{F_{निर्वात}}{\epsilon_r}$
    जल का परावैद्युतांक लगभग 80 होता है। चालकों के लिए $\epsilon_r = \infty$।
  • अध्यारोपण का सिद्धांत (Principle of Superposition): यदि किसी निकाय में अनेक आवेश हों, तो किसी एक आवेश पर लगने वाला कुल बल अन्य सभी आवेशों द्वारा उस पर लगाए गए अलग-अलग बलों के सदिश योग के बराबर होता है।
    $\vec{F}{कुल} = \vec{F}{1} + \vec{F}{2} + \vec{F}{3} + ...$

3. विद्युत क्षेत्र (Electric Field)

  • परिभाषा: किसी आवेश या आवेशों के निकाय के चारों ओर का वह क्षेत्र जिसमें कोई अन्य आवेश वैद्युत बल का अनुभव करता है, विद्युत क्षेत्र कहलाता है।
  • विद्युत क्षेत्र की तीव्रता (Electric Field Intensity, $\vec{E}$): विद्युत क्षेत्र में किसी बिंदु पर रखे एकांक धनात्मक परीक्षण आवेश पर लगने वाले बल को उस बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता कहते हैं।
    $\vec{E} = \frac{\vec{F}}{q_0}$
    • मात्रक: न्यूटन/कूलॉम (N/C) या वोल्ट/मीटर (V/m)
    • यह एक सदिश राशि है, जिसकी दिशा वही होती है जो धनात्मक परीक्षण आवेश पर लगने वाले बल की होती है।
  • बिंदु आवेश के कारण विद्युत क्षेत्र:
    एक बिंदु आवेश $Q$ से $r$ दूरी पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता:
    $E = \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{|Q|}{r^2}$
    सदिश रूप में: $\vec{E} = \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{Q}{r^2} \hat{r}$
    जहाँ $\hat{r}$ आवेश $Q$ से बिंदु की ओर इकाई सदिश है।
  • विद्युत क्षेत्र रेखाएँ (Electric Field Lines): ये काल्पनिक रेखाएँ हैं जो विद्युत क्षेत्र में खींची जाती हैं और किसी बिंदु पर खींची गई स्पर्श रेखा उस बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की दिशा को दर्शाती है।
  • विद्युत क्षेत्र रेखाओं के गुणधर्म:
    1. ये धनात्मक आवेश से प्रारंभ होकर ऋणात्मक आवेश पर समाप्त होती हैं (या अनंत तक जाती हैं)।
    2. कोई भी दो क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को कभी नहीं काटतीं। यदि वे काटतीं, तो कटान बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की दो दिशाएँ होतीं, जो असंभव है।
    3. ये चालक के पृष्ठ के सदैव लंबवत होती हैं।
    4. ये चालक के अंदर से होकर नहीं गुजरतीं (चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र शून्य होता है)।
    5. ये एक सतत वक्र होती हैं, जो आवेश रहित स्थान में टूटती नहीं हैं।
    6. जहाँ क्षेत्र रेखाएँ सघन होती हैं, वहाँ विद्युत क्षेत्र प्रबल होता है, और जहाँ विरल होती हैं, वहाँ विद्युत क्षेत्र दुर्बल होता है।
    7. ये बंद लूप नहीं बनातीं (क्योंकि वैद्युत बल एक संरक्षी बल है)।

4. विद्युत द्विध्रुव (Electric Dipole)

  • परिभाषा: जब दो समान परिमाण के और विपरीत प्रकृति के बिंदु आवेश एक-दूसरे से बहुत कम दूरी पर रखे होते हैं, तो इस निकाय को विद्युत द्विध्रुव कहते हैं।
  • विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण ($\vec{p}$): यह द्विध्रुव की सामर्थ्य को व्यक्त करता है। इसका परिमाण किसी एक आवेश के परिमाण और दोनों आवेशों के बीच की दूरी ($2a$) के गुणनफल के बराबर होता है।
    $p = q \times 2a$
    • मात्रक: कूलॉम-मीटर (C m)
    • यह एक सदिश राशि है, जिसकी दिशा ऋणात्मक आवेश से धनात्मक आवेश की ओर होती है।
  • विद्युत द्विध्रुव के कारण विद्युत क्षेत्र:
    1. अक्षीय रेखा पर (On Axial Line): द्विध्रुव की अक्ष पर केंद्र से $r$ दूरी पर विद्युत क्षेत्र:
      $E_{अक्षीय} = \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{2pr}{(r^2 - a2)2}$
      यदि $r >> a$, तो $E_{अक्षीय} \approx \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{2p}{r^3}$
      दिशा: द्विध्रुव आघूर्ण की दिशा में।
    2. निरक्षीय रेखा पर (On Equatorial Line): द्विध्रुव के केंद्र से गुजरने वाली और अक्ष के लंबवत रेखा पर $r$ दूरी पर विद्युत क्षेत्र:
      $E_{निरक्षीय} = \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{p}{(r^2 + a2){3/2}}$
      यदि $r >> a$, तो $E_{निरक्षीय} \approx \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{p}{r^3}$
      दिशा: द्विध्रुव आघूर्ण की दिशा के विपरीत।
      ध्यान दें: $E_{अक्षीय} = 2 E_{निरक्षीय}$
  • एकसमान विद्युत क्षेत्र में द्विध्रुव पर बल आघूर्ण (Torque on a Dipole in a Uniform Electric Field):
    जब एक विद्युत द्विध्रुव को एकसमान विद्युत क्षेत्र $\vec{E}$ में रखा जाता है, तो उस पर एक बल आघूर्ण ($\vec{\tau}$) कार्य करता है।
    $\vec{\tau} = \vec{p} \times \vec{E}$
    परिमाण: $\tau = pE \sin\theta$
    जहाँ $\theta$ द्विध्रुव आघूर्ण $\vec{p}$ और विद्युत क्षेत्र $\vec{E}$ के बीच का कोण है।
    • बल आघूर्ण द्विध्रुव को क्षेत्र की दिशा में संरेखित करने का प्रयास करता है।
    • जब $\theta = 0^\circ$ (द्विध्रुव क्षेत्र के समानांतर), $\tau = 0$ (स्थिर संतुलन)।
    • जब $\theta = 90^\circ$ (द्विध्रुव क्षेत्र के लंबवत), $\tau = pE$ (अधिकतम बल आघूर्ण)।
    • जब $\theta = 180^\circ$ (द्विध्रुव क्षेत्र के प्रति-समांतर), $\tau = 0$ (अस्थिर संतुलन)।
  • एकसमान विद्युत क्षेत्र में द्विध्रुव की स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy of a Dipole in a Uniform Electric Field):
    $U = -\vec{p} \cdot \vec{E} = -pE \cos\theta$
    • जब $\theta = 0^\circ$, $U = -pE$ (न्यूनतम ऊर्जा, सर्वाधिक स्थिर अवस्था)।
    • जब $\theta = 90^\circ$, $U = 0$ (संदर्भ ऊर्जा)।
    • जब $\theta = 180^\circ$, $U = +pE$ (अधिकतम ऊर्जा, सर्वाधिक अस्थिर अवस्था)।

5. सतत आवेश वितरण (Continuous Charge Distribution)

जब आवेश एक बड़े क्षेत्र या आयतन में वितरित होता है, तो उसे सतत आवेश वितरण माना जाता है। इसे तीन प्रकार से परिभाषित किया जाता है:

  1. रेखीय आवेश घनत्व ($\lambda$): प्रति इकाई लंबाई पर आवेश।
    $\lambda = \frac{dQ}{dL}$ (मात्रक: C/m)
  2. पृष्ठीय आवेश घनत्व ($\sigma$): प्रति इकाई क्षेत्रफल पर आवेश।
    $\sigma = \frac{dQ}{dA}$ (मात्रक: C/m$^2$)
  3. आयतन आवेश घनत्व ($\rho$): प्रति इकाई आयतन पर आवेश।
    $\rho = \frac{dQ}{dV}$ (मात्रक: C/m$^3$)

6. गाउस का नियम (Gauss's Law)

  • विद्युत फ्लक्स ($\Phi_E$): विद्युत क्षेत्र में स्थित किसी पृष्ठ से लंबवत गुजरने वाली कुल विद्युत क्षेत्र रेखाओं की संख्या को विद्युत फ्लक्स कहते हैं।
    $\Phi_E = \int \vec{E} \cdot d\vec{A}$
    • मात्रक: N m$^2$/C या V m
    • यह एक अदिश राशि है।
  • गाउस के नियम का कथन: किसी बंद पृष्ठ से गुजरने वाला कुल वैद्युत फ्लक्स उस पृष्ठ द्वारा परिबद्ध कुल आवेश ($q_{in}$) का $1/\epsilon_0$ गुना होता है।
    $\Phi_E = \oint \vec{E} \cdot d\vec{A} = \frac{q_{in}}{\epsilon_0}$
    • गाउस का नियम केवल बंद पृष्ठों के लिए ही लागू होता है।
    • यह नियम कूलॉम के नियम का एक वैकल्पिक रूप है।
    • $q_{in}$ बंद पृष्ठ के अंदर का कुल आवेश है, बाहर के आवेश का फ्लक्स पर कोई योगदान नहीं होता।
  • गाउस के नियम के अनुप्रयोग:
    1. अनंत लंबाई के सीधे आवेशित तार के कारण विद्युत क्षेत्र:
      $E = \frac{\lambda}{2\pi\epsilon_0 r}$
      जहाँ $\lambda$ रेखीय आवेश घनत्व है और $r$ तार से लंबवत दूरी है।
    2. एकसमान आवेशित अनंत समतल चादर के कारण विद्युत क्षेत्र:
      $E = \frac{\sigma}{2\epsilon_0}$
      जहाँ $\sigma$ पृष्ठीय आवेश घनत्व है। यह क्षेत्र चादर से दूरी पर निर्भर नहीं करता।
    3. एकसमान आवेशित पतले गोलीय खोल (खोकले गोले) के कारण विद्युत क्षेत्र:
      • गोले के बाहर ($r > R$): $E = \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{Q}{r^2}$ (एक बिंदु आवेश की तरह)
      • गोले की सतह पर ($r = R$): $E = \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{Q}{R^2}$
      • गोले के अंदर ($r < R$): $E = 0$ (क्योंकि अंदर कोई आवेश नहीं है)
    4. एकसमान आवेशित ठोस अचालक गोले के कारण विद्युत क्षेत्र:
      • गोले के बाहर ($r > R$): $E = \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{Q}{r^2}$
      • गोले की सतह पर ($r = R$): $E = \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{Q}{R^2}$
      • गोले के अंदर ($r < R$): $E = \frac{1}{4\pi\epsilon_0} \frac{Qr}{R^3}$ या $E = \frac{\rho r}{3\epsilon_0}$
        (विद्युत क्षेत्र केंद्र से दूरी $r$ के अनुक्रमानुपाती होता है, केंद्र पर $E=0$)।

7. चालक तथा परावैद्युत (Conductors and Dielectrics)

  • चालक (Conductors): वे पदार्थ जिनमें बड़ी संख्या में मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं, जो उनके अंदर आसानी से गति कर सकते हैं। (जैसे: धातुएँ, मानव शरीर)
  • विद्युतरोधी/परावैद्युत (Insulators/Dielectrics): वे पदार्थ जिनमें मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं होते हैं और आवेश आसानी से गति नहीं कर सकते। (जैसे: कांच, प्लास्टिक, लकड़ी)
  • स्थिरवैद्युत संतुलन में चालक के गुणधर्म (Properties of Conductors in Electrostatic Equilibrium):
    1. चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र शून्य होता है।
    2. चालक के पृष्ठ पर विद्युत क्षेत्र उसके पृष्ठ के प्रत्येक बिंदु पर लंबवत होता है।
    3. चालक के अंदर कोई अतिरिक्त आवेश नहीं होता है; सारा अतिरिक्त आवेश उसकी सतह पर रहता है।
    4. चालक के आयतन में हर जगह विद्युत विभव नियत रहता है और उसके पृष्ठ पर भी नियत रहता है।
    5. चालक के पृष्ठ पर विद्युत क्षेत्र $E = \frac{\sigma}{\epsilon_0} \hat{n}$ होता है, जहाँ $\sigma$ पृष्ठीय आवेश घनत्व है।
    6. किसी चालक के अंदर एक गुहा (Cavity) में विद्युत क्षेत्र शून्य होता है, भले ही बाहर कितना भी प्रबल विद्युत क्षेत्र क्यों न हो। इसे स्थिरवैद्युत परिरक्षण (Electrostatic Shielding) कहते हैं।

बहुविकल्पीय प्रश्न (Multiple Choice Questions - MCQs)

  1. एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश का मान कितना होता है?
    A) $1.6 \times 10^{-19}$ C
    B) $-1.6 \times 10^{-19}$ C
    C) $9.1 \times 10^{-31}$ kg
    D) $6.022 \times 10^{23}$ C

  2. कूलॉम बल है:
    A) केंद्रीय बल
    B) वैद्युत बल
    C) A और B दोनों
    D) इनमें से कोई नहीं

  3. विद्युत क्षेत्र की तीव्रता का SI मात्रक है:
    A) न्यूटन/कूलॉम (N/C)
    B) जूल/कूलॉम (J/C)
    C) कूलॉम/न्यूटन (C/N)
    D) न्यूटन-मीटर (N m)

  4. एकसमान विद्युत क्षेत्र में रखे विद्युत द्विध्रुव पर लगने वाला बल आघूर्ण अधिकतम कब होता है?
    A) जब $\vec{p}$ और $\vec{E}$ के बीच का कोण $0^\circ$ हो
    B) जब $\vec{p}$ और $\vec{E}$ के बीच का कोण $45^\circ$ हो
    C) जब $\vec{p}$ और $\vec{E}$ के बीच का कोण $90^\circ$ हो
    D) जब $\vec{p}$ और $\vec{E}$ के बीच का कोण $180^\circ$ हो

  5. गाउस का नियम किस भौतिक राशि के लिए लागू होता है?
    A) केवल बिंदु आवेश
    B) केवल रेखीय आवेश
    C) केवल पृष्ठीय आवेश
    D) किसी भी प्रकार के आवेश वितरण के लिए, बशर्ते वह एक बंद पृष्ठ द्वारा परिबद्ध हो।

  6. विद्युत क्षेत्र रेखाओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन असत्य है?
    A) ये धनात्मक आवेश से प्रारंभ होकर ऋणात्मक आवेश पर समाप्त होती हैं।
    B) ये कभी भी एक-दूसरे को नहीं काटतीं।
    C) ये चालक के अंदर से होकर गुजरती हैं।
    D) ये चालक के पृष्ठ के सदैव लंबवत होती हैं।

  7. किसी चालक के अंदर वैद्युत क्षेत्र की तीव्रता होती है:
    A) शून्य
    B) अनंत
    C) उसके पृष्ठ पर तीव्रता के बराबर
    D) उसके पृष्ठ पर तीव्रता की आधी

  8. यदि दो आवेशों के बीच की दूरी दोगुनी कर दी जाए, तो उनके बीच लगने वाला कूलॉम बल हो जाएगा:
    A) दोगुना
    B) आधा
    C) चार गुना
    D) एक-चौथाई

  9. विद्युत फ्लक्स का SI मात्रक क्या है?
    A) N/C
    B) V/m
    C) N m$^2$/C
    D) C/m$^2$

  10. आवेश का क्वांटमीकरण दर्शाता है कि:
    A) आवेश को नष्ट नहीं किया जा सकता
    B) आवेश को केवल पूर्णांक गुणज में ही स्थानांतरित किया जा सकता है
    C) आवेश का मान भिन्न-भिन्न हो सकता है
    D) आवेश सदैव धनात्मक होता है


MCQs के उत्तर:

  1. B) $-1.6 \times 10^{-19}$ C (इलेक्ट्रॉन पर ऋणात्मक आवेश होता है)
  2. C) A और B दोनों (कूलॉम बल एक केंद्रीय बल है और यह वैद्युत प्रकृति का होता है)
  3. A) न्यूटन/कूलॉम (N/C)
  4. C) जब $\vec{p}$ और $\vec{E}$ के बीच का कोण $90^\circ$ हो ($\tau = pE \sin\theta$, $\sin 90^\circ = 1$ जो अधिकतम मान है)
  5. D) किसी भी प्रकार के आवेश वितरण के लिए, बशर्ते वह एक बंद पृष्ठ द्वारा परिबद्ध हो।
  6. C) ये चालक के अंदर से होकर गुजरती हैं। (यह कथन असत्य है, चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र शून्य होता है)
  7. A) शून्य
  8. D) एक-चौथाई ($F \propto 1/r^2$, यदि $r$ दोगुना होता है तो $r^2$ चार गुना हो जाएगा, अतः बल एक-चौथाई हो जाएगा)
  9. C) N m$^2$/C
  10. B) आवेश को केवल पूर्णांक गुणज में ही स्थानांतरित किया जा सकता है

मुझे आशा है कि ये विस्तृत नोट्स और बहुविकल्पीय प्रश्न आपको इस अध्याय को गहराई से समझने और आपकी सरकारी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक होंगे। शुभकामनाएँ!

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